Waqf Amendment Bill Protest: देर रात तक वक्फ संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा, जानें- किसने क्या कहा?

Waqf Bill News: लोकसभा में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक,2025 पेश हुआ. इस विधेयक के पेश होने के बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया. वहीं, भाजपा नेताओं ने इसे देश के लिए हितकारी बताया.

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Waqf Board Act Amendment Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पर देर रात तक संसद में बहस हुई. इस दौरान इसके पक्ष विपक्ष में जमकर बयानबाजी हुई.  इस बीच, एनसीपी (शरद पवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने इस विधेयक का विरोध करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. जितेंद्र आव्हाड ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि अभी सरकार मुसलमानों के साथ ऐसा बर्ताव कर रही है. इनका अगला निशाना ईसाई और दलित हैं.

उन्होंने वक्फ का समर्थन करते हुए कहा कि वक्फ का मतलब किसी धर्मार्थ उद्देश्य के लिए दान देना है और इस दान का उपयोग समाज के हित में होना चाहिए. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुंबई में एक जमीन का मामला उनके पास आया था, जिसे वक्फ से जोड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया. उन्होंने कहा कि वक्फ की जमीन समाज के कल्याण के लिए होनी चाहिए. यह जमीन किसी की नहीं हो सकती.

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खड़गे, केसी वेणुगोपाल ने बताया 'असंवैधानिक'

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने विधेयक को संविधान के खिलाफ बताया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार का वक्फ (संशोधन) विधेयक पूरी तरह से असंवैधानिक है, जो धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को कमजोर करता है और व्यक्तिगत कानूनों को सरकार के नियंत्रण में लाने का प्रयास करता है. बीजेपी, जो लंबे समय से अल्पसंख्यकों को दूसरे दर्जे का नागरिक मानती रही है, अब इस विधेयक के जरिए उनकी संपत्तियों को निशाना बना रही है. कांग्रेस पार्टी इस विभाजनकारी आरएसएस-बीजेपी एजेंडे का विरोध करेगी, जो देश के कानून के खिलाफ है. केरल की आलप्पुझा सीट से लोकसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल ने सदन में विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक एक खतरनाक, विभाजनकारी कानून है, जो हमारे संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है. सरकार आज इसे ऐसे ला रही है जैसे हमारे देश के सभी अन्य ज्वलंत मुद्दे हल हो गए हों. क्या अब बेरोजगारी नहीं रही? क्या किसान खुश हैं? क्या महिलाएं सुरक्षित हैं? भाजपा का ध्यान इसी पर क्यों है?

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कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा:अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर लोकसभा में चर्चा के दौरान कहा कि यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह समाज में भ्रम फैला रहे हैं और मुसलमानों को डरा कर उनका वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहे हैं. शाह ने इस दौरान नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर भी विपक्ष के दावे खारिज किए. उन्होंने कहा कि सीएए लागू होने के बाद किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं गई है और अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला जैसे नेता चुनाव जीतकर लौटे हैं, जो बताता है कि स्थिति में सुधार हुआ है. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद कम हुआ है और विकास और पर्यटन बढ़े हैं. गृहमंत्री ने कहा कि कि वक्फ संशोधन विधेयक के तहत वक्फ परिषदों और बोर्डों में अब गैर-मुस्लिमों को भी शामिल किया जाएगा. यह विधेयक किसी विशिष्ट समुदाय को लक्षित नहीं करता, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग सही उद्देश्य के लिए किया जाए. उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों को उसी उद्देश्य के लिए संचालित किया जाएगा, जिसके लिए दान दिया गया था, चाहे वह इस्लाम धर्म के उत्थान के लिए हो या गरीबों के कल्याण के लिए है.

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इसके बाद उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे इस विधेयक को लेकर गलत जानकारी फैला रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी भी पिछली तिथि से लागू नहीं होगा, जैसा कि विपक्ष में कहा जा रहा है. इसके लागू होने के बाद सरकार की अधिसूचना के बाद ही यह कानून प्रभावी होगा. विपक्ष ने एक सांसद ने यह कहते हुए उद्धृत किया था कि अल्पसंख्यक इस कानून को स्वीकार नहीं करेंगे. अमित शाह ने इस पर जोर देकर कहा कि यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा.

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