कुनो नेशनल पार्क में 2 चीतों की मौत मॉनसून संक्रमण से हुई: केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव

Kuno Cheetah Death: नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कुल 20 चीतों को कुनो नेशनल पार्क लाया गया था, जिसमें चार शावकों के जन्म के बाद चीतों की कुल संख्या 24 हो गई थी. लेकिन अब यह संख्या घटकर अब 15 रह गई है.

विज्ञापन
Read Time: 15 mins
केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, ''हम हर चीते के लिए चिंता कर रहे हैं. चीता ‘प्रोजेक्ट' सफल होगा.'' (प्रतीकात्मक फोटो)
ग्वालियर:

केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ( Bhupendra Yadav) ने शनिवार को मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कुनो नेशनल पार्क (केएनपी) से चीतों को स्थानांतरित करने की किसी भी योजना से इनकार किया. उन्होंने कुनो (Kuno National Park ) से चीतों के स्थानांतरण के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘इसके स्थानांतरण लिए कोई योजना नहीं चल रही है. स्वाभाविक रूप से मॉनसून के कारण जो कीड़े आते हैं, उसका संक्रमण हमारे ध्यान में आया है. इस संक्रमण के कारण दो चीते की मौत हो गई है.''

उन्होंने कहा कि हमने दक्षिण अफ्रीका एवं नामीबिया के विशेषज्ञों के साथ भी जानकारी साझा की है. हम इस प्रबंधन पर आगे बढ़ रहे हैं.

Advertisement
केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव का कहना है कि सभी वन अधिकारी, पशु चिकित्सक एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ केएनपी में बहुत मेहनत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि केएनपी में ‘चीता प्रोजेक्ट' सफल होगा.

हम एक-एक चीते को लेकर पूरी तरह चिंतित हैं: केंद्रीय मंत्री
भूपेंद्र यादव ने कहा, ‘‘चीतों के स्थानांतरण के बाद यह पहला साल है. यहां के मौसम की स्थिति और उसके प्रभावों को लेकर लगातार काम चल रहा है. मैं बड़े विश्वास के साथ कह रहा हूं कि हम इस प्रोजेक्ट में गंभीरता से लगे हुए हैं. हम एक-एक चीते को लेकर पूरी तरह चिंतित हैं.''

Advertisement

इसके आगे उन्होंने कहा, ‘‘चीता ‘प्रोजेक्ट' एक लंबा ‘प्रोजेक्ट' हैं, जिसमें हर वर्ष चीते आने हैं. हम हर चीते के लिए चिंता कर रहे हैं. चीता ‘प्रोजेक्ट' सफल होगा.''

Advertisement
आपको बता दें कि बहुप्रतीक्षित ‘प्रोजेक्ट' चीता के तहत, कुल 20 चीतों को दो दलों में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में लाया गया था. पहला दल नामीबिया से पिछले साल सितंबर में और दूसरा दल इस वर्ष फरवरी में आया.

इसमें चार शावकों के जन्म के बाद चीतों की कुल संख्या 24 हो गई थी लेकिन तीन शावकों सहित नौ चीतों की मौतों (Cheetahs Death) के बाद यह संख्या घटकर अब 15 रह गई है.