गुना : स्वास्थ्य सुविधा कहां है सरकार? ना नर्स ना ही डॉक्टर, भगवान भरोसे अस्पताल में मरीज

इस संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से बात की गई तो बताया गया कि सीएम का कार्यक्रम है. इसीलिये वहां व्यवस्थाओं में बिजी हैं. फिर भी अगर कोई नहीं मिला तो जांच करवा लेते हैं. 

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मध्य प्रदेश में कई ऐसे सरकारी अस्पताल हैं, जहां पर व्यवस्थाएं गड़बड़ हैं. मरीज परेशान हैं, हताश हैं और लाचार हैं. स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही के कारण मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर बमौरी के सीएचसी अस्पताल तो भगवान भरोसे ही चल रहा है. यहां की हकीकत ये है कि यहां स्टाफ ड्यूटी पर नहीं होते हैं. समय पर कभी आते नहीं. इसके कारण जनता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मेडिकल अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों के नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं दम तोड़ती नज़र आ रही हैं. हम तस्वीरों के ज़रिए आपको बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे बमौरी के सीएचसी अस्पताल में स्टाफ के नहीं रहने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है.

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कोई मेडिकल स्टाफ नहीं

मरीज़ों की जांच के लिये लैब लेकिन कोई स्टाफ नहीं

मरीज़ों की जांच के लिये कोई स्टाफ नहीं

इस अस्पताल में आने वाले मरीजों का कहना है कि यहां डॉक्टर या स्टाफ नहीं होने के कारण इलाज नहीं हो पा रहा है. कुपोषण हो, कोई बीमारी हो या फिर इमरजेंसी, हमेशा खाली हाथ जाना पड़ता है. कई बार डॉक्टर की आस में घंटों इंतज़ार करना पड़ता है.

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बमौरी के सीएचसी सेंटर के अंतर्गत लगभग 250 गांव के मरीज इलाज करवाने आते हैं. यहां डॉक्टर, लैब टेक्निशियन सहित 30 स्वास्थ्यकर्मी हैं, मगर दुख की बात है कि कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है. 

इस संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से बात की गई तो बताया गया कि सीएम का कार्यक्रम है. इसीलिये वहां व्यवस्थाओं में बिजी हैं. फिर भी अगर कोई नहीं मिला तो जांच करवा लेते हैं. 

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