Richa Chadha Latest: अभिनेत्री ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) जिन्हें ग्लोबली सराही गई सीरीज हीरामंडी (Heeramandi) में उनके शानदार अभिनय के लिए खूब तारीफ मिली. उन्होंने एक बार मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की थी और बताया था कि उन्हें एक कहानीकार के रूप में क्या खास बनाता है.
क्रिएटिव विजन पर बात
भंसाली की शख्सियत और उनके क्रिएटिव विजन पर बात करते हुए ऋचा ने कहा कि संजय सर के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वह संजय लीला भंसाली हैं. वह अपनी मां को बहुत सम्मान देते हैं और जो कुछ भी करते हैं उसमें उनका नाम शामिल रखते हैं. उनका पालन-पोषण उनकी बहन बेला के साथ हुआ है. यानी यह सब मिलाकर प्यार करने वाली महिलाओं के बीच बड़े होना और महिलाओं के प्रति सम्मान रखना, उनकी सोच का हिस्सा है. ऋचा का मानना है कि महिलाओं के प्रति यह गहरा सम्मान स्वाभाविक रूप से उनके सिनेमा में भी दिखाई देता है, जो सालों से भंसाली की फिल्मों की पहचान रहा है. उन्होंने आगे कहा कि यह उनके काम में भी नजर आता है. जैसे ‘देवदास' में एक पुरुष-प्रधान व्यवस्था के बीच महिलाएं पारो और चंद्रमुखी पितृसत्ता में फंसी हुई हैं. एक शादी में बंधी हुई है और दूसरी अपने काम की परिस्थितियों में कैद है. लेकिन दोनों ही कहानी को आगे बढ़ाती हैं. वह सिर्फ प्रॉप्स नहीं हैं और साथ ही, उनके कुछ काम ऐसे भी हैं जहां महिलाएं सीधे कहानी की अगुवाई करती हैं, जैसे ‘हीरामंडी' या ‘गंगूबाई काठियावाड़ी'.
बेबाक और मजबूत
भंसाली की खासियत यह है कि वे महिलाओं के जटिल और भावनात्मक रूप से समृद्ध किरदार गढ़ते हैं, चाहे वे किसी दमनकारी व्यवस्था में हों या विद्रोह की अगुवाई कर रही हों. ‘देवदास' की पारो और चंद्रमुखी से लेकर बेबाक और मजबूत गंगूबाई तक, उनकी महिला किरदार कभी भी सिर्फ सजावटी नहीं होते, बल्कि कहानी को दिशा देने वाली शक्तिशाली ताकत होते हैं.
यह भी पढ़ें : नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की ‘मैं एक्टर नहीं हूं', भारत में हो रही रिलीज