Ranveer Singh Latest: पद्मावत में अलाउद्दीन खिलजी बनकर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) ने जब दर्शकों को दहला दिया था, उसे आज आठ साल हो चुके हैं. अब धुरंधर में हमजा के रूप में वह एक बार फिर अपनी विरासत को नए अंदाज में आगे बढ़ा रहे हैं. दो किरदार, दो अलग-अलग दुनिया और एक ऐसा अभिनेता, जो हर बार स्क्रीन पर छा जाना जानता है. आइए समझते हैं कि खिलजी क्यों आज भी आइकॉनिक है और हमजा कैसे दिलों और बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बना रहा है.
लुक: बर्बर शाही अंदाज बनाम सधा हुआ रौब
अलाउद्दीन खिलजी के रूप में रणवीर के लंबे बाल, आंखों में काजल और खून से सना कवच एक खौफनाक शाही व्यक्तित्व दिखाते थे. खिलजी खतरनाक और बेकाबू लगता था. वहीं हमजा पूरी तरह संयम का प्रतीक है. उसका सख्त और साधा हुआ लुक, लेयर्ड जैकेट्स और पाकिस्तानी पहनावा ऐसे इंसान को दिखाता है, जिसे डर पैदा करने के लिए दिखावे की जरूरत नहीं. जहां खिलजी अराजकता से राज करता था, वहीं हमजा नियंत्रण से.
डायलॉग डिलीवरी: दहाड़ बनाम ठंडी चेतावनी
खिलजी के संवाद तेज़ और विस्फोटक थे, अचानक हंसी, गुस्से के दौरे और डरावनी चुप्पियां. हर शब्द खतरे की तरह लगता था.
हमज़ा मुश्किल से आवाज ऊंची करता है. उसके संवाद शांत लेकिन बेहद असरदार होते हैं, जो साबित करते हैं कि सन्नाटा भी दहाड़ से ज्यादा डरावना हो सकता है.
आंखें: पागलपन बनाम चालाकी
खिलजी की आंखों में सनक, भूख और क्रूरता झलकती थी. वह हमेशा दुनिया से लड़ता हुआ लगता था. हमजा की नजरें शांत लेकिन ज्यादा खतरनाक हैं. हर नजर में सोच और रणनीति छिपी होती है, जिससे वह बाकी सब से कई कदम आगे दिखाई देता है.
बॉडी लैंग्वेज: बेकाबू बनाम संतुलित
खिलजी के हाव-भाव जंगली थे,अचानक हरकतें, जोरदार ठहाके और हिंसक अंदाज, हमजा जासूस जैसी सटीकता के साथ चलता है. हर कदम नपा-तुला और हर एक्शन सोच-समझकर किया गया लगता है.
एनर्जी: आग बनाम ठंडा फौलाद
खिलजी की एनर्जी उग्र और विस्फोटक थी. हर सीन में उसका खौफ महसूस होता था. हमजा की एनर्जी शांत, ठंडी और धारदार है. वह स्क्रीन को जलाता नहीं, बल्कि जमा देता है. यह दिखाते हुए कि संयम, गुस्से से कहीं ज्यादा डर पैदा कर सकता है.
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