दिल्ली हाई कोर्ट ने NTR की पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा का आदेश दिया

NTR Latest: खास बात यह है कि माननीय कोर्ट ने पहली नजर में ही साफ तौर पर माना है कि नंदामुरी तारक रामाराव (NTR) ने भारत में एक सेलिब्रिटी का दर्जा हासिल कर लिया है.

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NTR Latest: सम्मानित अभिनेता नंदमुरी तारक रामा राव (NTR) के पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए माननीय दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश पारित किया है. कोर्ट का दखल एक्टर की उस पिटीशन के बाद आया है, जिसमें उन्होंने अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर उनकी पहचान के बड़े पैमाने पर बिना इजाजत और कमर्शियल गलत इस्तेमाल का जिक्र किया था. इस मामले पर ध्यान देते हुए, माननीय हाई कोर्ट ने उनके पर्सनैलिटी राइट्स को सुरक्षा दी.

कोर्ट ने निर्देश दिया

यह प्रोटेक्शन उनके नाम और पॉपुलर पहचान जैसे 'NTR', 'Jr. NTR', 'NTR Jr.', 'तारक', 'नंदामुरी तारक रामा राव जूनियर', 'जूनियर.  नंदामुरी तारक रामाराव' और उनके निकनेम जैसे 'मैन ऑफ मासेज', 'यंग टाइगर' वगैरह के गैर-कानूनी कमर्शियल इस्तेमाल को कवर करता है, साथ ही उनकी इमेज, शक्ल और संबंधित चीज़ों को भी, कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगर ऐसा कोई भी गैर-कानूनी इस्तेमाल पाया जाता है, तो उसे लागू कानूनों के अनुसार हटा दिया जाना चाहिए. खास बात यह है कि माननीय कोर्ट ने पहली नजर में ही साफ तौर पर माना है कि नंदामुरी तारक रामाराव (NTR) ने भारत में एक सेलिब्रिटी का दर्जा हासिल कर लिया है. अपने सफल करियर के दौरान बहुत ज्यादा सद्भावना और इज्जत कमाई है. कोर्ट ने कहा कि उनका नाम, इमेज और पहचान लोगों के मन में उनसे खास तौर पर जुड़ी हुई है, जिससे उन्हें अपनी पर्सनैलिटी और उससे जुड़ी चीजों पर मालिकाना हक मिलता है. माननीय कोर्ट ने आगे यह भी माना कि पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकार भारत के संविधान के आर्टिकल 19 और 21 के तहत जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का एक जरूरी हिस्सा हैं और इन्हें कॉपीराइट एक्ट, 1957 और ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 के प्रावधानों के जरिए लागू किया जा सकता है.

निर्देश दिया

इसके अलावा इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया है कि वो शिकायत को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के तहत एक कानूनी शिकायत मानें, और तय कानूनी समय-सीमा के अंदर पहचाने गए उल्लंघन करने वाले लिंक्स पर कार्रवाई करें. कोर्ट ने अज्ञात और गुमनाम संस्थाओं (जॉन डो डिफेंडेंट्स) के खिलाफ भी निर्देश जारी किए हैं, जिसमें किसी भी व्यक्ति, जिसमें ऑनलाइन ट्रोल और अज्ञात अपराधी शामिल हैं, NTR की पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने या उनका फायदा उठाने से रोका गया है, चाहे वह मर्चेंडाइज, डिजिटल कंटेंट, मॉर्फ्ड इमेज, AI-जेनरेटेड कंटेंट, या किसी अन्य टेक्नोलॉजिकल तरीके से कमर्शियल फायदे या गलत इस्तेमाल के लिए हो.

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