Asha Bhosle Passes Away: दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन हो गया. भोसले रविवार, 12 मार्च को 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. कार्डियक अरेस्ट आने के बाद वो मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में एडमिट थीं. वहीं उनका अंतिम संस्कार सोमवार, 13 मार्च को किया जाएगा. उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई.
कुछ देर पहले PM ने जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी
आशा भोसले की अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था. इसकी जानकारी आशा भोसले की पोती जनाई भोसले ने इंस्टाग्राम पर दी थी. उन्होंने पोस्ट में लिखा था, 'मेरी दादी आशा भोसले बहुत ज्यादा थकान और छाती में इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं. उनका इलाज चल रहा है... उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा. हम आपको जल्द ही अच्छी खबर देंगे.' बता दें कि निधन से कुछ घंटे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज गायिका के स्वस्थ होने की कामना की थी. उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा था, 'यह सुनकर चिंता में हूं कि आशा भोसले जी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनके अच्छे स्वास्थ्य और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.'
महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं थी आशा भोसले
आशा गणपतराव भोसले का जन्म 8 सितंबर, 1933 को महाराष्ट्र के सांगली जिले में हुआ था. वो प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थी. महज 9 साल की उम्र में पिता का साया उठ जाने के बाद भोसले का परिवार आर्थिक तंगी से जूझने लगा था. जिसके बाद छोटी उम्र से ही आशा भोसले और लता ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली.
आशा भोसले ने 20 भाषाओं में गाए थे 12000 से ज्यादा गाने
आशा भोसले 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बाळ' में अपना पहला गीत गाया था, जबकि 1948 में हिंदी फिल्म ‘चुनरिया' के गीत ‘सावन आया' से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और अब तक उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए. शास्त्रीय, भजन, कव्वाली, गजल, पॉप, कैबरे से लेकर आधुनिक बीट तक... हर शैली में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी. इन आंखों की मस्ती, ओ मेरे सोना रे, 'कह दूं तुम्हें', 'सजना है मुझे सजना के लिए' ,'मुझे नौलखा मंगा दे रे', ‘पिया तू अब तो आ जा', ‘दम मारो दम', ‘दिल चीज क्या है', ‘मेरा कुछ सामान' जैसी अमर धुनें आज भी शुमार हैं.
आशा भोसले को सम्मान और अवॉर्ड
आशा भोसले का नाम दो बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है. वो पहली भारतीय सिंगर हैं, जिन्हें ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला था. साल 2000 में आशा भोसले को दादा साहेब फाल्क अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. साल 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.