44 दिन, 10000 किमी... श्रीलंका के अशोक वाटिका से भगवान राम की 'चरण पादुका' लेकर अयोध्या जा रहे भक्त

श्रीलंका के अशोक वाटिका से अयोध्या तक की यात्रा लगभग 10,000 किलोमीटर से ज्यादा की है. यह पूरी यात्रा 44 दिनों की है. यह यात्रा उस मार्ग से अयोध्या जा रही है जिस मार्ग से चलकर भगवान श्री राम वनवास के लिए गए थे.

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अम्बिकापुर पहुंची श्री राम राज्य युवा यात्रा

Ram Mandir Ayodhya : श्रीलंका (Sri Lanka) के अशोक वाटिका (Ashok Vatika) से शुरू होकर अयोध्या (Ayodhya) जाने वाली श्री राम राज्य युवा यात्रा सोमवार को अम्बिकापुर (Ambikapur) पहुंची जहां स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस यात्रा का भव्य स्वागत किया. श्री राम राज्य युवा यात्रा 15 दिसंबर को श्रीलंका के अशोक वाटिका से शुरू होकर 19 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगी. यात्रा में भगवान श्री राम की चरण पादुका मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं जिनके दर्शन करने के लिए लोग पहुंच रहे हैं. 

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44 दिनों में 10 हजार किमी से ज्यादा का सफर

श्रीलंका के अशोक वाटिका से अयोध्या तक की यात्रा लगभग 10,000 किलोमीटर से ज्यादा की है. यह पूरी यात्रा 44 दिनों की है. यह यात्रा उस मार्ग से अयोध्या जा रही है जिस मार्ग से चलकर भगवान श्री राम वनवास के लिए गए थे. यात्रा का उद्देश्य यह है कि वनवास जाते समय जिन आदिवासियों ने भगवान श्री राम की किसी तरह से सहायता या मदद की थी उन्हें इस यात्रा के जरिए धन्यवाद ज्ञापित किया जाए. साथ ही उन्हें अयोध्या में बन रहे भगवान श्री राम के मंदिर की जानकारी देकर दर्शन के लिए आमंत्रित किया जाए. 

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19 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगी यात्रा

भगवान श्री राम लंकापति रावण का वध करने के बाद हवाई मार्ग से पुष्पक विमान में सवार होकर अयोध्या लौटे थे. यह यात्रा उन सभी स्थानों और तीर्थ स्थलों से गुजर रही है जहां वनवास काल में भगवान श्री राम के चरण पड़े थे. इसके अलावा भी यह यात्रा राम वन गमन पथ के आसपास पढ़ने वाले आध्यात्मिक महत्व या पौराणिक महत्व के स्थानों पर भी जा रही है. 19 जनवरी को यात्रा अयोध्या पहुंचेगी जहां श्री राम की चरण पादुका को विधिवत पूजा अर्चना के साथ स्थापित किया जाएगा.

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