‘बिछड़ा प्यार म‍िला दो, शुभम से करवा दो शादी', पढ़ें मां दंतेश्वरी के दानपेटी में मिलीं इश्‍क की तीन अर्जियां

Valentine 2026: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी मंदिर (Danteshwari Temple) में प्रेम पत्र (Love Letters) और मनोकामनाओं (Wishes) की सैकड़ों अर्जियां मिलीं हैं. तीन अर्जियों में लव मैरिज (Love Marriage), परीक्षा में सफलता (Exam Success) और बिछड़े यार (Lost Love) को वापस म‍िलाने की अरदास है. 

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Maa Danteshwari Temple Dantewada: वैलेंटाइन डे 2026 के करीब आते ही फ‍िजा में मोहब्‍बत के महीने की खुशबू आने लगी है. द‍िलों में धड़कन बढ़ गई है. कहीं प्‍यार के इजहार की तैयारी में द‍िल जवां हो उठे हैं तो कहीं टूटे द‍िल मरहम मांग रहे हैं. इसी बीच छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बस्तर अंचल में स्थित मां दंतेश्वरी के दरबार से प्रेम और आस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां वैलेंटाइन से पहले दानपेटी में रखे गए हाथ से लिखे खत टूटे दिलों, अधूरी मोहब्बत और मनचाही शादी की मन्नतों की कहानी कह रहे हैं. 

दंतेवाड़ा जिला प्रशासन और दंतेश्वरी मंदिर समिति ने 28 जनवरी 2026 को दानपेटी खोली. इसमें करीब 19 लाख रुपयों के साथ श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं की सैकड़ों अर्जियां मिलीं. इनमें से इश्‍क की तीन अर्जियां (Valentine 2026 Love Letters) हर क‍िसी को भावुक कर देनी वाली हैं. खत में  मातारानी से क‍िसी ने खोया प्‍यार मांगा तो कोई लव मैर‍िज की अरदास ल‍िख गया है. 

Valentine 2026 Love Letters Maa Danteshwari Temple Dantewada

अर्जी नंबर एक: लव मैरिज के साथ मांगी सरकारी नौकरी, खुद एसडीएम, प्रेमी डीएसपी

मां दंतेश्वरी माता, आपको नमन है.

मेरी यह मनोकामना पूर्ण करना. माता रानी, शुभम से शादी करना है. मैं उनसे प्यार करती हूं. आपसे निवेदन है कि मेरी यह मनोकामना पूरी करें. मैं एसडीएम ऑफिसर बन चुकी हूं. मेरी और शुभम की शादी 2028 में हो चुकी है. हम दोनों बहुत खुश हैं.

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हमारे रिश्ते से मेरे परिवार भी खुश है. शुभम रायपुर में डीएसपी ऑफिसर हैं और मैं बिलासपुर की एसडीएम हूं. हमारी शादी बहुत अच्छे से हुई है. पापा-मम्मी और पूरा परिवार खुश है. बस यह मेरी मनोकामना पूरी करना माता रानी. मैं और शुभम साथ में आपके दर्शन के लिए आएंगे. 

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Valentine 2026 Love Letters Danteshwari Temple Chhattisgarh

अर्जी नंबर दो: 'जिससे प्‍यार करती हूं, उसी से शादी हो जाए'

मां, आपकी प्रिय बेटी

मां, आपने हमेशा मेरा साथ दिया है और आगे भी ऐसे ही साथ देना. मां, आज मैं आपके दरबार में कुछ मांग रही हूं. जो भी यहां आता है, वह कभी खाली हाथ नहीं गया है. मां, मैंने नौकरी के लिए एक आवेदन डाला है. उस पेपर में पास हो जाऊं. अच्छे अंकों से. कुछ ही महीनों में पेपर है. मां, मैं जिसे प्यार करती हूं, उससे मेरी शादी हो जाए.

उसके घर वाले भी मान जाएं. शादी के लिए आपका आशीर्वाद बना रहे. मां, हमारे ऊपर हमेशा अपना साथ बनाए रखना. मां, मेरी ताकत बनाए रखने के लिए धन्यवाद. पेपर के लिए कुछ ही महीने हैं. मां, पेपर में अच्छे अंकों से पास हो जाऊं. धन्यवाद मां. 

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Valentine 2026 Love Letters Danteshwari Temple Chhattisgarh

अर्जी नंबर तीन: 'मैं अपना द‍िल-द‍िमाग प्रेम‍िका को सौंप चुका हूं'

11 जनवरी 2026 श्रीश्री 1008 मां दंतेश्वरी

दंतेश्वरी माई, जिस लड़की से मैं प्रेम करता हूं, आज हम दोनों उससे अलग हैं. हम दोनों पारिवारिक मामलों के कारण बिछड़ गए हैं. मैं उसी लड़की के साथ अपना पूरा जीवन बिताना चाहता हूं. भले वह अच्छी रहे या बुरी. मैं अपना दिल और दिमाग सब उसे सौंप चुका हूं.

मैं किसी दूसरे के साथ शादी नहीं कर सकता. मेरे ऊपर जो भी भावनाएं हैं, वही आपके समीप रखता हूं. कृपया मेरे बिछड़े हुए प्यार को मिलाने में मदद करें. माता, आपका आशीर्वाद बनाए रखें, ताकि मैं उसी लड़की से शादी कर सकूं.  

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दंतेश्वरी माता मंद‍िर इतिहास और मान्यताएं

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर देश के 52 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत प्राचीन और पूजनीय स्थल है. मान्यता है कि यहां देवी सती के दांत गिरे थे, जिससे इसका नाम दंतेवाड़ा पड़ा. यह मंदिर बस्तर क्षेत्र की आराध्य देवी, शक्ति और संरक्षण की प्रतिमूर्ति के रूप में स्थापित है.  

दंतेश्वरी माता मंद‍िर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में हुआ था, जिसे बाद में 14वीं शताब्दी में काकतीय वंश के राजा अन्नमदेव ने जीर्णोद्धार कराया. यह मंदिर शंखिनी और दंकिनी नदियों के संगम पर स्थित है और काले पत्थर से तराशी गई छह भुजाओं वाली महिषासुरमर्दिनी की मूर्ति मां दंतेश्वरी के रूप में प्रतिष्ठित है. राजा अन्नमदेव द्वारा मंदिर की स्थापना के बाद यह स्थान देवी की पूजा का मुख्य केंद्र बन गया और बस्तर दशहरे का प्रसिद्ध 75 दिनों का उत्सव माता को समर्पित किया गया. 

भक्तों का विश्वास है कि माता दंतेश्वरी के दर्शन से जीवन में सुख, समृद्धि और सुरक्षा मिलती है. उन्हें बस्तर के लोग एक माँ के रूप में पूजते हैं और बस्तर दशहरे में देवी की छत्र को रथ यात्रा में शामिल किया जाता है, जो उनके शासन और समृद्धि का प्रतीक है. इस प्रकार, दंतेश्वरी माता न केवल धार्मिक स्थल हैं, बल्कि बस्तर के लोगों के लिए संस्कृति, आस्था और एक धरोहर के रूप में मानी जाती हैं. 

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