'सरकार बनी तो छत्तीसगढ़ी भाषा में दी जाएगी शिक्षा', केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया वादा

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में अपनी विश्वसनीयता खो दी है और चुनावों में हार की आशंका में जल्दबाजी में वादे किए हैं. महिलाओं के कल्याण में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की योजनाओं की सराहना करते हुए प्रधान ने कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने महिला सशक्तिकरण और महिला विकास को प्राथमिकता दी है.'

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शिक्षा मंत्री ने किया छत्तीसगढ़ी में शिक्षा प्रदान करने का वादा

Chhattisgarh Election 2023: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने सोमवार को कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सत्ता में आती है तो नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के तहत छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा. प्रधान ने पार्टी के नगर कार्यालय ‘एकात्म परिसर' में पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को जल्दबाजी में 15 हजार रुपए देने का वादा कर छत्तीसगढ़ में भाजपा की विजय यात्रा को रोकने का असफल प्रयास किया है. उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा है कि देश की हर भाषा राष्ट्रभाषा है. छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के नेतृत्व वाले भाजपा शासन के दौरान, छत्तीसगढ़ी भाषा को राज्य भाषा का दर्जा दिया गया था.'

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'पीएम मोदी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाए हैं, जिसके तहत आठवीं कक्षा तक की शिक्षा मातृभाषा में देने की बुनियादी योजना है.' उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा अपनी मातृभाषा में सीखता है तो इससे उसकी आलोचनात्मक सोच, शोध शक्ति और तार्किक क्षमता बढ़ती है. भाजपा नेता ने कहा, 'छत्तीसगढ़ में भाजपा के सत्ता में आने के बाद हमारा विशेष प्रयास नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा प्रदान करने को प्राथमिकता देना होगा जो नई पीढ़ी के समावेशी विकास में सहायक होगा.' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में अपनी हार की आशंका से डरी हुई है और इसलिए रविवार को उन्होंने जल्दबाजी में घोषणा की.

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महिलाओं के लिए बीजेपी-कांग्रेस की घोषणाएं

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कहा था कि अगर कांग्रेस छत्तीसगढ़ में सत्ता बरकरार रखती है तो राज्य में महिलाओं को 15 हजार रुपए की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाएगी. 17 नवंबर को होने वाले छत्तीसगढ़ चुनाव के दूसरे चरण से पहले की गई इस घोषणा को विपक्षी भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में विवाहित महिलाओं को प्रति वर्ष 12 हजार रुपए देने के वादे के जवाब के रूप में देखा जा रहा है.

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शिक्षा मंत्री बोले- 'डरी हुई है कांग्रेस'

प्रधान ने कहा, 'चुनाव प्रचार अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है. कांग्रेस अपना घोषणा पत्र पहले ही जारी कर चुकी है लेकिन जल्दबाजी में उसने कल महिलाओं के लिए एक वादा कर दिया. इससे पता चलता है कि कांग्रेस डरी हुई है. जिस पार्टी ने 1500 रुपए वृद्धावस्था पेंशन, स्वयं सहायता समूहों की ऋण माफी, चार रसोई गैस सिलेंडर (ग्रामीण परिवारों को रिफिलिंग) और शराबबंदी (2018 में किया गया) का अपना वादा पूरा नहीं किया, वह अब राज्य में भाजपा के विजय रथ को रोकने की असफल कोशिश कर रही है.'

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'कांग्रेस छत्तीसगढ़ में विश्वसनीयता खो चुकी है'

उन्होंने कहा, 'महिलाओं के खिलाफ अपराध में छत्तीसगढ़ शीर्ष राज्यों में शामिल है. पांच साल में राज्य में एक लाख महिलाओं के लापता होने की खबर है. महिला सशक्तिकरण कांग्रेस के एजेंडे में नहीं है. भ्रष्टाचार कांग्रेस का प्रमुख एजेंडा है और लूट करना उसकी राजनीति है.' प्रधान ने कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में अपनी विश्वसनीयता खो दी है और चुनावों में हार की आशंका में जल्दबाजी में वादे किए हैं. महिलाओं के कल्याण में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की योजनाओं की सराहना करते हुए प्रधान ने कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने महिला सशक्तिकरण और महिला विकास को प्राथमिकता दी है.'