अस्पताल या मधुशाला! सूरजपुर के CHC में चला शराब और मुर्गा पार्टी का दौर, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय सस्पेंड

सूरजपुर के लटोरी सीएचसी के आइसोलेशन वार्ड में कर्मचारियों द्वारा शराब और मुर्गा पार्टी का वीडियो वायरल हुआ है. मामले में संज्ञान लेते हुए सीएमएचओ ने एक फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय को सस्पेंड कर दिया है. वहीं लापरवाही को लेकर संस्था प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.

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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से स्वास्थ्य विभाग की एक बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. दरअसल यहां के लटोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में दो फार्मासिस्ट, दो वार्ड बॉय और एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी द्वारा शराब और मुर्गा पार्टी किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. जिससे साफ लग रहा है कि जिस अस्पताल को मरीजों के इलाज का केंद्र बनना था वो कर्मचारियों के लिए ऐशगाह में तब्दील हो चुका है. हालांकि मामले में संज्ञान लेते हुए सीएमएचओ सूरजपुर ने एक फार्मासिस्ट और एक वार्ड बॉय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और प्रभारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है. 

अस्पताल परिसर में शराब और मुर्गा पार्टी, वीडियो से खुली पोल

सामने आए वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि लटोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आइसोलेशन वार्ड में पदस्थ दो फार्मासिस्ट, दो वार्ड बॉय और एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बेखौफ होकर शराब और मुर्गा पार्टी कर रहे थे.

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जब वीडियो बनाने वाले शख्स ने उससे इसका कारण और परिचय पूछा तो वे सॉरी-सॉरी बोलने लगे और उठ कर चले गए. जाहिर है जिस जगह जीवन बचाने और मरीजों की देखभाल की उम्मीद की जाती है, वहां इस तरह की अनैतिक गतिविधियों का चलना स्वास्थ्य विभाग के मॉनिटरिंग सिस्टम और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

 फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय सस्पेंड, संस्था प्रभारी को नोटिस

दूसरी तरफ अस्पताल परिसर के भीतर शराब पार्टी की खबर मीडिया में चलने और वीडियो वायरल होने के बाद सूरजपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. के. डी. पैकरा ने मामले पर संज्ञान लिया है. उन्होंने बताया कि यह आचरण सिविल सेवा आचरण नियमों के खिलाफ है. उन्होंने बताया कि मामले में कार्रवाई करते हुए एक फार्मासिस्ट और एक वार्ड बॉय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि संस्था प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.हालांकि स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह घटना केवल कुछ कर्मचारियों का निलंबन भर नहीं है, बल्कि यह जिला स्वास्थ्य विभाग की उस गहरी लापरवाही और अनदेखी को उजागर करती है जिसके चलते शासकीय अस्पतालों में जनस्वास्थ्य और मरीजों का जीवन राम भरोसे छोड़ दिया गया है.
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