Ojasvi Chaturvedi Success Story: कहते हैं कि सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती और इस कहावत को रायगढ़ के लैलूंगा की 7 वर्षीय ओजस्वी चतुर्वेदी ने सच कर दिखाया है. बेहद कम उम्र में ओजस्वी पांचवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने की उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे जिले को गौरवान्वित कर दिया है. वहीं ओजस्वी चतुर्वेदी ने अपनी इस अद्भुत प्रतिभा से क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.
2nd क्लास की छात्रा देगी पांचवीं बोर्ड परीक्षा
दरअसल, कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर जन्मी ओजस्वी ने कम उम्र में ही असाधारण बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया है. ओजस्वी कक्षा दूसरी की छात्रा है. इसके बावजूद इसे पांचवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए शासन से विशेष अनुमति प्राप्त हुई है, जो उसकी प्रतिभा का बड़ा प्रमाण है. इतनी छोटी उम्र में इस स्तर की उपलब्धि हासिल करना बेहद दुर्लभ माना जा रहा है.
बच्चों को भी दे रही शिक्षा
खास बात यह है कि ओजस्वी सिर्फ खुद ही पढ़ाई में अव्वल नहीं है, बल्कि अन्य बच्चों को भी शिक्षा दे रही है. वो कम्प्यूटर, अंग्रेजी,गणित, विज्ञान, भूगोल और सामान्य विषयों में बच्चों को सरल और रोचक तरीके से पढ़ाती है. उसकी समझ और आत्मविश्वास को देखकर लोग हैरान रह जाते हैं. परिजनों के अनुसार, ओजस्वी बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रही है और हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश करती है. उसकी लगन और मेहनत ही आज उसकी पहचान बन गई है.
ओजस्वी चतुर्वेदी की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह नन्ही प्रतिभा भविष्य में जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेगी. ओजस्वी की प्रतिभा को देखते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी कुछ महीने पहले ही लैलूंगा जाकर ओजस्वी के घर उससे मिलने पहुंचे, जहां नन्ही बच्ची से करीब 25 मिनट बातचीत की और इसके प्रतिभा को देखते हुए बच्ची आशीर्वाद दिया. साथ ही परिजनों को शुभकामनाएं दी.