साय सरकार की बड़ी सौगात: रायपुर में 23 जनवरी से पुलिस कमिश्नर सिस्टम,अब 5500 में बिकेगा तेंदूपत्ता

Sai Cabinet Decisions:छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: रायपुर में 23 जनवरी से पुलिस कमिश्नर सिस्टम. ऑटो एक्सपो में गाड़ियों पर 50% रोड टैक्स की छूट और तेंदूपत्ता के दाम बढ़े. पूरी खबर यहाँ पढ़ें.

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Vishnu Deo Sai Government: विष्णुदेव साय कैबिनेट ने साल 2025 की अपनी आखिरी बैठक में छत्तीसगढ़ के लिए बड़े फैसलों का पिटारा खोल दिया है. नया रायपुर मंत्रालय में हुई इस बैठक में राजधानी रायपुर की सुरक्षा से लेकर आम आदमी की जेब और किसानों के फायदे के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं. सरकार ने साफ कर दिया है कि नए साल में छत्तीसगढ़ न केवल ज्यादा सुरक्षित होगा, बल्कि लोगों की आर्थिक स्थिति भी और मजबूत होगी.

रायपुर में अब 'पुलिस कमिश्नर' सिस्टम

राजधानी रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था को अब बड़े महानगरों की तर्ज पर हाईटेक बनाया जा रहा है. कैबिनेट ने रायपुर में 'पुलिस कमिश्नर प्रणाली' लागू करने के फैसले पर मुहर लगा दी है. 23 जनवरी 2026 से रायपुर महानगरीय पुलिस जिला बन जाएगा. इस नई व्यवस्था में पुलिस के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज्यादा अधिकार होंगे. इसके लिए पुलिस मुख्यालय में एक बड़े अधिकारी (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी) का नया पद भी बनाया गया है.

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ऑटो एक्सपो में गाड़ी लेना हुआ सस्ता

नया वाहन खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है. रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 20 जनवरी से लगने वाले '9वें ऑटो एक्सपो' में गाड़ी खरीदना अब काफी फायदेमंद होगा. कैबिनेट ने फैसला किया है कि एक्सपो से खरीदी गई गाड़ियों पर लाइफटाइम रोड टैक्स में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. यह छूट रजिस्ट्रेशन के समय मिलेगी, जिससे आम आदमी को एकमुश्त मोटी बचत होगी.

तेंदूपत्ता और मिलेट्स पर सरकार का साथ

जंगलों और वनोपज पर निर्भर परिवारों के लिए सरकार ने अपनी जेब ढीली की है. अब तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जाएगा. इसके साथ ही कोदो, कुटकी और रागी (मिलेट्स) की खरीदी और प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए लघु वनोपज संघ को 30 करोड़ रुपये का बिना ब्याज वाला लोन और कामकाज के लिए जरूरी पैसा (कार्यशील पूंजी) देने का रास्ता साफ कर दिया गया है.

ब्याज का चक्कर खत्म, मिलर्स को राहत

सरकार ने सरकारी खजाने पर ब्याज का बोझ कम करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है. पुराने कर्जों को चुकाने के लिए 55 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पास किया गया है, जिससे सालाना करीब ढाई करोड़ रुपये के ब्याज की बचत होगी. वहीं, राइस मिलर्स को बड़ी राहत देते हुए उसना मिलिंग की प्रोत्साहन राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. साथ ही बैंक गारंटी पर लगने वाला स्टाम्प ड्यूटी शुल्क भी अब काफी कम कर दिया गया है.

फैक्ट्रियों और निवेश को मिलेगी रफ्तार

प्रदेश की नई औद्योगिक नीति (2024-30) में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं ताकि निवेश के रास्ते में आने वाली अड़चनें दूर हो सकें. सरकार का मानना है कि इन बदलावों से राज्य में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए पक्की नौकरियों के ज्यादा मौके बनेंगे. विशेषज्ञों की नियुक्ति और प्रचार-प्रसार से छत्तीसगढ़ में निवेश का माहौल और बेहतर होगा.
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