Bamleshwari Temple: राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में स्थित मां बम्लेश्वरी चैत्र नवरात्रि में श्रद्धालुओं का तांता लग गया है. ऐतिहासिक बम्लेश्वरी मंदिर में हर साल नवरात्रि के अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. हजारों वर्ष पुराने इस मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं है, जो श्रद्धालुओ को यहां खींच लाती है. करीब 2200 वर्ष पुराने बम्लेश्वरी के मंदिर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को 1000 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है.
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चैत्र नवरात्रि पर रोजाना लाखों की संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
रिपोर्ट के मुताबिक हर साल की तरह चैत्र नवरात्रि पर लाखों की संख्या में रोजाना श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंच रहे हैं, जिनकी सुरक्ष-व्यवस्था के लिए प्रशासन ने करीब 1200 जवानों की तैनाती है. प्रशासन की मानें तो चैत्र नवरात्रि के 9 दिन में बम्लेश्वरी मंदिर में करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है और दर्शनार्थियों के इंतजाम के लिए जवानों ने यहां डेरा डाल दिया है.
डोंगरगढ़ में मौजूद हैं छोटी बम्लेश्वरी और बड़ी बम्लेश्वरी मंदिर
गौरतलब है हजारों वर्ष पुराने मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं हैं. ऐसी मान्यता है कि डोंगरगढ़ का प्राचीन नाम कामावती था, जो राजा मदन सेन के पुत्र कामसेन के नाम पर रखा गया था, जिनकी कुलदेवी के रूप में माता की पूजा अर्चना की जाती रही हैं. डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के 2 मंदिर हैं. एक ऊपर पहाड़ पर स्थित है, जबकि दूसरी नीचे स्थित है, जिन्हें बड़ी बम्लेश्वरी कहा जाता है.
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चैत्र नवरात्रि पर दर्शन के लिए 9 दिन में पहुंचेंगे 10 लाख श्रद्धालु
करीब 2200 वर्ष पुराने मां बम्लेश्वरी यहां बगलामुखी के रूप में यहां विद्यमान हैं, जिनके दर्शन के लिए छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र और अन्य राज्य से लोग यहां आते हैं. नवरात्रि पर बम्लेश्वरी मंदिर में 9 दिनों तक माता की पूजा-अर्चना की जाती हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर यहां पहुंचते हैं. नवरात्रि पर्व पर बड़ी संख्या में पैदल चल कर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं.