रायपुर में नकली दवाओं के गंभीर प्रकरण में कार्रवाई न होने से नाराज़ NSUI कार्यकर्ता रायपुर तहसील कार्यालय स्थित असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम के कार्यालय पहुंचे. NSUI कार्यकर्ताओं ने 5 लाख रुपये नकद एक ब्रीफकेस में रखकर उन्हें देने की पेशकश की. उनका कहना था कि यह राशि इसलिए लाई गई है ताकि संजय नेताम दवा माफियाओं से कथित रूप से रिश्वत लेना बंद कर ईमानदारी से जनता के स्वास्थ्य के लिए काम करें.
कार्यालय में ताला लगाकर गायब होने का आरोप
NSUI कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जैसे ही वे कार्यालय पहुंचे, संजय नेताम अपने दफ्तर में ताला लगाकर वहां से चले गए. इसके बाद पूरे परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई. NSUI जिला अध्यक्ष शान्तनु झा ने बताया कि यह 5 लाख रुपये उनके कृषक पिता द्वारा वर्षों की मेहनत से घर निर्माण के लिए जोड़कर रखी गई राशि थी. उन्होंने कहा कि यह फैसला स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने और संजय नेताम द्वारा पैसों की कथित कमी दूर करने के उद्देश्य से आम जनता के हित में लिया गया है, ताकि सरकार और प्रशासन की आंखें खुल सकें.
कैफे में सांठगांठ का आरोप
शान्तनु झा का आरोप है कि करीब 10 दिन पहले संजय नेताम रायपुर के एक निजी कैफे में नकली दवाइयों के कारोबारी के साथ कथित सांठगांठ करते हुए कैमरे में रंगे हाथ पकड़े गए थे. इस मामले को लेकर NSUI ने EOW और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जसवाल को औपचारिक शिकायत भी सौंपी थी.
कार्रवाई न होने पर सरकार पर सवाल
NSUI का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने 7 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इससे यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी सरकार दोषी अधिकारी को बचाने का प्रयास कर रही है. प्रदर्शन के दौरान NSUI के कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में लेकर जेल परिसर ले गई, जहां से बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.