DJ के खतरनाक साउंड से युवक को हुआ ब्रेन हेमरेज, अंबिकापुर से डॉक्टर्स ने रेफर किया रायपुर

Health News: एक्सपर्ट्स ने कहा कि एक स्वस्थ मनुष्य के लिए 70 डेसीबल ध्वनि की तीव्रता झेल सकता है. लेकिन इससे ज्यादा उसके लिए न सिर्फ हानिकारक बल्कि उसके कान व मस्तिष्क के लिए अत्यंत खतरनाक होता है. जबकि डीजे की बात करें तो उसमें से निकलने वाली ध्वनि की तीव्रता 150 डेसीबल से ज्यादा होती है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

DJ Sound System: डीजे (DJ) की तीव्र ध्वनि (Loud Noise) से एक व्यक्ति को ब्रेन हेमरेज (Brain Hemorrhage) हो गया है. जिसका इलाज अम्बिकापुर के मेडिकल कॉलेज (Ambikapur Medical College Hospital) अस्पताल में हो रहा था, लेकिन उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता देख उसे राजधानी रायपुर के अम्बेडकर अस्पताल (Ambedkar Hospital Raipur) रेफर कर दिया गया है. इस घटना के बाद से एक बार फिर तीव्र ध्वनि (Loud Sound Effects) के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है.

क्या है मामला?

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सनावल निवासी संजय जायसवाल को कुछ दिन पहले चक्कर आने व उल्टी की शिकायत पर परिजन द्वारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां ईएनटी विभाग (ENT Department) के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ शैलेंद्र गुप्ता ने जब उसका सीटी स्कैन (CT Scan) कराया और रिपोर्ट (Medical Report) देखी तो पता चला कि युवक के सिर के पिछले हिस्से की नस फट गई है जिससे ब्लड क्लॉटिंग हो गई है. डॉक्टर ने इसकी जानकारी मेडिकल कॉलेज के विरिष्ठ चिकित्सकों व मेडिकल प्रोफेसरों को दी. उन्होंने ने बताया कि मरीज से उसकी पहले की बीमारी के बारे में पूछा तो उसने बताया कि ऐसी कोई बीमारी नहीं थी. अस्पताल में भी उसका बीपी नॉर्मल था.

Advertisement
इस बारे में NDTV से खास बातचीत करते हुए डॉ गुप्ता ने बताया कि यह अब तक का पहला मामला है जो कहीं ना कहीं चिंता का विषय है, क्योंकि वर्तमान में जिस प्रकार से धार्मिक व शादी विवाह सहित अन्य अवसरों में तीव्र ध्वनि यंत्रों जैसे डीजे आदि का प्रचलन बढ़ा है. ये कहीं ना कहीं मानव के लिए अत्यंत हानिकारक है.

उन्होंने ने बताया कि एक स्वस्थ मनुष्य के लिए 70 डेसीबल ध्वनि की तीव्रता झेल सकता है. लेकिन इससे ज्यादा उसके लिए न सिर्फ हानिकारक बल्कि उसके कान व मस्तिष्क के लिए अत्यंत खतरनाक होता है. जबकि डीजे की बात करें तो उसमें से निकलने वाली ध्वनि की तीव्रता 150 डेसीबल से ज्यादा होती है.

डीजे किराए में देने का व्यावसाय करता है पीड़ित

डॉक्टर शैलेंद्र गुप्ता के अनुसार परिजनों ने उन्हें बताया कि पीड़ित डीजे किराए पर देने का व्यावसाय करता है. जिस दिन तबीयत बिगड़ी उस दिन उसने एक डीजे बजाया और किराया में दिया उसी समय उसे उल्टी व चक्कर आने की शिकायत हुई थी. ऐसे में जब पीड़ित को ना तो बीपी बढ़ा है ना ही कभी कोई दुर्घटना आदि हुई है. ऐसे में यह आशंका जतायी जा रही है कि ये डीजे से ही हुआ है.

यह भी पढ़ें : Good News: छत्तीसगढ़ में शुरू होगा लिवर-किडनी ट्रांसप्लांट, हेल्थ मिनिस्टर ने कहा- यहां खुलेगा IVF सेंटर

यह भी पढ़ें : Swachhta Hi Seva Abhiyan: खट्‌टर झाबुआ के सफाई मित्रों से करेंगे संवाद, PM कर चुके हैं 'मन की बात'

Advertisement

यह भी पढ़ें : PM JANMAN Yojana: बैगा बस्तियों की राह हुई आसान, इस योजना में देश की पहली सड़क बालाघाट में तैयार

यह भी पढ़ें : CM डॉ मोहन यादव का बड़ा एक्शन, रिश्वत लेने के मामले में इस अपर कलेक्टर को तुरंत किया सस्पेंड

Advertisement