Chhattisgarh : अब मशीन से ही चेक हो जाएगा धान में कितनी नमी ? किसान न करें ये गलती

Chhattisgarh Samachar : कलेक्टर ने बताया कि इस साल किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान खरीदा जाएगा. इस धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.

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अब मशीन से ही चेक हो जाएगा धान में कितनी नमी ? किसान न करें ये गलती

Chhattisgarh New : छत्तीसगढ़ में आज 14 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सरकार ने इस साल धान की गुणवत्ता और नमी की सही मात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. धान में नमी का मापने के लिए मशीनें लगाई गई हैं जिनसे 17% तक नमी वाला धान ही खरीदा जाएगा. अगर धान में 17% से अधिक नमी पाई जाती है तो किसान को धान सुखाकर लाना होगा. इस बार धान खरीदी केंद्रों में गुणवत्ता की जांच के लिए जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किए गए हैं. ये अधिकारी हर किसान के धान का परीक्षण करेंगे और केवल अच्छी गुणवत्ता का धान ही खरीदा जाएगा. नमी मापने के लिए खास मशीनों का इस्तेमाल होगा जो टिक-टिक करती है और धाम में नमी की मात्रा दिखाती है. इस मशीन से यह सुनिश्चित होगा कि धान में जरूरत से ज्यादा नमी न हो, जिससे धान की गुणवत्ता बनी रहे.

कलेक्टर ने लिया जायजा

पहले दिन कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने कई धान उपार्जन केंद्रों का दौरा किया. उन्होंने लालपुर, मेढ़ूका, और गौरेला केंद्र में किसानों से मिलकर उनके धान की नमी, मात्रा, टोकन, पहचान पत्र, और रकबा सत्यापन की जानकारी ली. लालपुर केंद्र में पूजा-अर्चना के साथ धान खरीदी की शुरुआत की गई.

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कहा- व्यर्थ जमीन छोड़ दे

कलेक्टर ने बताया कि इस साल किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान खरीदा जाएगा. इस धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे सिर्फ अपने रकबे में उगाए गए धान की ही बिक्री करें और अनावश्यक जमीन को छोड़ दें.

धान खरीदी को लेकर किसानों में उत्साह

धान खरीदी के पहले दिन किसानों में काफी उत्साह देखा गया. लालपुर समिति में 13 किसानों ने 880 क्विंटल, मेढ़ूका समिति में 14 किसानों ने 11 क्विंटल और गौरेला समिति में 6 किसानों ने 284 क्विंटल धान बेचा. सभी केंद्रों पर किसान खुश नजर आए और उन्होंने नए नमी मापक यंत्रों के इस्तमाल को लेकर उत्सुकता भी जताई.

केंद्रों पर कई अधिकारी तैनात

कलेक्टर ने किसानों को कोचिए (बिचौलिए) और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी. किसानों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उन्हें अपने धान की सही कीमत और गुणवत्ता के अनुसार खरीदी में मदद मिलेगी. धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए हर केंद्र पर अधिकारी तैनात हैं जो किसानों की सुविधा का ध्यान रखने का काम करेंगे.

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