Kawardha News: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में अवैध रूप से निवासरत, फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर रह रहे लोगों और संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उन पर नकेल कसने के लिए कबीरधाम पुलिस की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश और निगरानी में यह अभियान तेज़ गति से चल रहा है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह बघेल के नेतृत्व में गठित विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) संदिग्धों पर लगातार कार्रवाई कर रही है. इसका गठन जिले में अवैध रूप से निवास कर रहे घुसपैठियों, अप्रवासियों और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए किया गया है. इस टीम का उद्देश्य है, संदिग्धों की पहचान कर उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना कराना और जिले को अवैध घुसपैठियों से मुक्त करना.
टीम में 50 से अधिक जवान शामिल
कार्रवाई के पहले दिन एसटीएफ टीम के 50 से अधिक पुलिसकर्मियों ने कवर्धा शहर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में दबिश देकर संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली. इस दौरान टीम ने दर्जनों लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की. जिनके पास वैध दस्तावेज़ नहीं मिले या जो बिना किसी पुलिस सत्यापन के जिले में रह रहे थे, उनके विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्यवाही की गई.
इस दौरान बड़ी संख्या में ऐसे व्यक्ति सामने आए जिनके पास न तो वैध पहचान-पत्र थे, न ही निवास या कार्य करने के उचित दस्तावेज़. इन व्यक्तियों के विरुद्ध BNSS की धारा 128, 126, 135(3) एवं 170 के तहत दो अलग-अलग इस्तगासों में अपराध पंजीबद्ध किया गया. इसमें एक बांग्लादेशी नागरिक सहित 9 लोगों की पहचान की गई.
इस्तगासा क्रमांक 10/2025, धारा 128 BNSS के तहत पंजीबद्ध आरोपी
1. शमीम खान – अटरिया, जालौन (उ.प्र.)
2. करमवीर – कासगंज (उ.प्र.)
3. धरमवीर – कासगंज (उ.प्र.)
4. जीवन पलार – पश्चिम बंगाल
5. अशोक नायक – कासगंज (उ.प्र.)
6. सूर्या समलकर – भंडारा (महाराष्ट्र)
इस्तगासा क्रमांक 39/94/2025, धारा 170, 126, 135(3) BNSS अंतर्गत आरोपी
1. दीपक साहू – बेरला, बेमेतरा (हाल – कडरापारा, कवर्धा)
2. अनिल शिव सारथी – अटल आवास, कवर्धा
3. दीपक चौहान – जमातपारा, कवर्धा
दी गई चेतावनी
यह पूरी कार्रवाई इस संदेश के साथ की गई कि बिना सत्यापन, बिना वैध दस्तावेज़ और बिना प्रशासनिक जानकारी के जिले में अब कोई भी व्यक्ति नहीं रह सकता. पुलिस अधीक्षक द्वारा एसटीएफ को निर्देशित किया गया है कि ऐसे सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध न केवल कानूनी कार्यवाही की जाए, बल्कि उन्हें जिले से निष्कासित भी किया जाए.
इस अभियान के तहत मकान मालिकों, ठेकेदारों, व्यापारियों और प्रतिष्ठानों को भी चेतावनी दी गई है कि यदि वे किसी भी व्यक्ति को बिना पुलिस सत्यापन के किराए पर रखते हैं या काम पर लगाते हैं, तो उनके विरुद्ध भी क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह जिम्मेदारी केवल पुलिस की नहीं, आम नागरिकों की भी है.
चलेगा अभियान
एसटीएफ द्वारा अब जिले में चरणबद्ध रूप से अभियान चलाया जाएगा, जिसमें हर गली, हर मोहल्ले, हर बस्ती में जाकर दस्तावेजों की जांच होगी. फर्जी मतदाता पहचान पत्र, आधार, राशन कार्ड, किरायेदारी से जुड़े जाली दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच कर फर्जीवाड़ा करने वालों पर धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
क्या बोले अधिकारी?
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि अब कबीरधाम जिले की सीमा में अवैध, बिना दस्तावेज़ और बिना सत्यापन के किसी को भी रहने की अनुमति नहीं है. यह अभियान सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि एक चेतावनी है– जो छिपे हैं, वे खुद सामने आ जाएं, वरना एसटीएफ की कार्रवाई से बचना असंभव है. जिले की जनता से अपील की जाती है कि यदि आपके आसपास कोई संदिग्ध, बिना दस्तावेज़ का व्यक्ति रह रहा है – तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें. आपकी गोपनीयता पूर्ण रूप से सुरक्षित रखी जाएगी.
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