कवासी लखमा जमानत के बाद उड़ीसा के मलकानगिरी में क्यों रहेंगे, छत्तीसगढ़ बजट सत्र में आएंगे या नहीं?

Kavasi Lakhma Chhattisgarh: शराब घोटाले के मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद कांग्रेस नेता कवासी लखमा सुप्रीम कोर्ट की शर्त के चलते उड़ीसा के मलकानगिरी में रहेंगे. सीमावर्ती इलाका और राजनीतिक प्रभाव इसकी मुख्य वजह मानी जा रही है. बजट सत्र में शामिल होने के लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति मांगी है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Kavasi Lakhma Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोप में लगभग एक साल तक जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा अब उड़ीसा के मलकानगिरी जिले में रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते समय यह शर्त लगाई है कि कवासी लखमा छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से बाहर रहेंगे.

Kavasi Lakhma 4 फरवरी 2026 को रायपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद 6 फरवरी को न्यायालय में पेश हुए. इस दौरान उन्होंने अदालत को जानकारी दी कि वे अब उड़ीसा के मलकानगिरी में निवास करेंगे. सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद यह उनकी पहली पेशी थी. मामले में अगली सुनवाई 19 फरवरी 2026 को ईडी की विशेष अदालत में होगी.

Kavasi Lakhma Chhattisgarh

मलकानगिरी को ही क्यों चुना कवासी लखमा ने?

कवासी लखमा बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ आदिवासी नेता माने जाते हैं. वे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं. लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहने के कारण उनका प्रभाव पड़ोसी राज्य उड़ीसा के मलकानगिरी जिले में भी है.

मलकानगिरी और कोंटा दोनों ही सीमावर्ती इलाके हैं और इनके बीच की दूरी मात्र 20 से 25 किलोमीटर है. नजदीकी क्षेत्र होने के कारण राजनीतिक और सामाजिक संपर्क बनाए रखना आसान होता है. माना जा रहा है कि इसी वजह से कवासी लखमा ने मलकानगिरी को अपना ठिकाना चुना है. 

यह भी पढ़ें- कवासी लखमा की र‍िहाई पर स‍ियासत: क्‍या क‍िसी ने षड्यंत्र करके फंसाया? जानें BJP-कांग्रेस के दावे 

बजट सत्र में शामिल होने की मांग

सुप्रीम कोर्ट से मिली सशर्त जमानत के चलते कवासी लखमा फिलहाल छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर सकते. ऐसे में उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को आवेदन सौंपा है.

Advertisement

कवासी लखमा ने विधानसभा अध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर बजट सत्र में शामिल होने की मांग रखी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय में निर्णय लेने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को दिया है कि वे बजट सत्र में शामिल हो सकते हैं या नहीं. गौरतलब है कि शराब घोटाले के मामले में कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था.
 

यह भी पढ़ें- Kawasi Lakhma: 2 बार बेस्ट सरपंच, 1998 से लगातार MLA, अब जेल से बाहर आकर क्यों छोड़ना पड़ेगा छत्तीसगढ़?

Advertisement