छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कैडर को नई पहचान; “नर्सिंग सिस्टर” अब सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, हेल्थ मिनिस्ट का ऐलान

International Nurses Day 2026: अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला. नर्सिंग सिस्टर अब सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, स्टाफ नर्स नर्सिंग ऑफिसर कहलाएंगी. पढ़िए पूरी खबर.

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अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर नर्सों के सम्मान में नर्सिंग संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की घोषणा

International Nurses Day 2026: अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने नर्सिंग संवर्ग के लिए एक ऐतिहासिक और सम्मानजनक फैसला लिया है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य की नर्सों के पदनाम में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” के नाम से जाना जाएगा. इस फैसले को नर्सिंग समुदाय के सम्मान, पहचान और पेशेवर गरिमा से जोड़कर देखा जा रहा है. राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में यह घोषणा की गई, जहां बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे.

अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर बड़ी घोषणा

डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नर्सिंग स्टाफ को यह बड़ी सौगात दी. उन्होंने कहा कि पदनाम में यह बदलाव नर्सिंग पेशे की गरिमा और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से परिभाषित करेगा. इससे नर्सों को उनके कार्य के अनुरूप सम्मान और नई पहचान मिलेगी.

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बदले गए नर्सिंग संवर्ग के पदनाम

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” कहा जाएगा. वहीं “स्टाफ नर्स” का पदनाम बदलकर “नर्सिंग ऑफिसर” किया गया है. इस निर्णय को नर्सिंग संवर्ग की लंबे समय से चली आ रही मांगों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की सेवा में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की देखभाल करती हैं. उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदना और सेवा भाव का सबसे सशक्त उदाहरण नर्सिंग स्टाफ प्रस्तुत करता है.

कोविड काल में निभाई अहम भूमिका

स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौर को याद करते हुए नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं की भूरी-भूरी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि बेहद कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की. उनके समर्पण और साहस ने उस समय पूरे स्वास्थ्य तंत्र को संभाले रखा.

“नर्स मां के समान होती है”

श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा सेवा में नर्स का स्थान मां के समान होता है. नर्सें मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं और उन्हें मानसिक व भावनात्मक संबल भी देती हैं. इसलिए नर्सिंग स्टाफ का दर्जा अत्यंत सम्मानजनक है और यह फैसला उसी सम्मान को और मजबूत करेगा. पदनाम परिवर्तन की इस घोषणा से नर्सिंग समुदाय में खुशी और उत्साह का माहौल है. नर्सिंग अधिकारियों और छात्र-छात्राओं ने इसे अपने पेशे की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला कदम बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है. यह निर्णय छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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