IIT प्रोफेसर को ठगों ने पढ़ाया 'साइबर क्राइम' का पाठ: ऐसे लगाया 1.78 लाख का चूना

IIT Bhilai Professor Cyber Fraud: IIT भिलाई के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अविजित साहा से ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर 1.78 लाख रुपये की ठगी कर ली. परेशान करने वाली बात ये भी है कि फर्जी लिंक भेजकर क्रेडिट कार्ड की डिटेल उड़ाने वाले इन ठगों के खिलाफ शिकायत के दो महीने बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

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Durg Cyber Crime News: कहते हैं कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी, लेकिन जब शिकार देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान यानी IIT के प्रोफेसर साहब ही बन जाएं, तो समझ लीजिए कि ठग कितने शातिर हो चुके हैं. दुर्ग जिले में साइबर ठगी का एक ऐसा ही मजेदार लेकिन हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां IIT भिलाई के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अविजित साहा को ठगों ने ऐसा उलझाया कि प्रोफेसर साहब अपनी सारी किताबी पढ़ाई भूल गए और करीब 1 लाख 79 हजार रुपये गंवा बैठे.

मदद के नाम पर बिछाया जाल

पूरा मामला 31 दिसंबर 2025 का है, जब पूरी दुनिया नए साल के जश्न की तैयारी कर रही थी. उधर प्रोफेसर साहब अपने क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन न हो पाने की वजह से परेशान थे. इसी बीच उनके पास एक फोन आया. फोन करने वाले ने बड़े ही सलीके से खुद को बैंक का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया. प्रोफेसर साहब को लगा कि शायद साल खत्म होने से पहले उनकी समस्या हल हो जाएगी, लेकिन उन्हें क्या पता था कि सामने वाला उनकी परेशानी दूर करने नहीं बल्कि जेब खाली करने बैठा है.

एक लिंक और खेल खत्म

शातिर ठग ने प्रोफेसर साहब को अपनी बातों के जाल में फंसाया और मदद के नाम पर एक लिंक भेज दिया. यह लिंक दिखने में बिल्कुल बैंक की असली वेबसाइट जैसा ही था. प्रोफेसर साहब ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया और अपनी गोपनीय डिटेल्स भरीं, उनके मोबाइल पर मैसेज की झड़ी लग गई. देखते ही देखते उनके क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 78 हजार 910 रुपये साफ हो गए. जब तक प्रोफेसर साहब को समझ आता कि उनके साथ 'खेल' हो गया है, तब तक ठग अपना काम कर चुका था.

दो महीने बाद दर्ज हुई FIR

ठगी का अहसास होते ही डॉक्टर साहा ने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर गुहार लगाई. हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की फाइल हिलने में भी अच्छा-खासा वक्त लग गया. घटना के करीब दो महीने बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है. दुर्ग के एएसपी मणिशंकर चंद्रा का कहना है कि जांच शुरू कर दी गई है. वैसे इस घटना ने एक बात तो साफ कर दी है कि साइबर ठगों के लिए क्या अनपढ़ और क्या IIT के प्रोफेसर, उनके पास हर किसी की चाबी मौजूद है और तमाम जागरुकता अभियानों के बावजूद लोग सावधान नहीं रहते. 
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