IAS Namrata Jain: नक्सल इलाके में इस महिला कलेक्टर का गजब का अंदाज, जहां गूंजती हैं गोलियों की आवाज वहां विकास पहुंचाने खुद उतरीं  

Narayanpur Collector Namrata Jain: छत्तीसगढ़ की एक महिला कलेक्टर ऐसी हैं जिनका नक्सल इलाके में गजब का अंदाज देखने को मिल रहा है. यहां चार्ज लेते ही उन इलाकों में पहुंचकर लोगों से मिल रही हैं जहां के इलाके अबूझ रहे हैं. आइए जानते हैं... 

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Narayanpur Collector IAS Namrata Jain Abujhmad Visit: छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल जिलों में शुमार रहे नारायणपुर जिले की कलेक्टर नम्रता सोनी का गजब का अंदाज देखने को मिल रहा है. वे यहां चार्ज लेते ही दफ्तर में बैठकर नहीं बल्कि नक्सलियों के गढ़ में खुद फील्ड पर उतर कर काम करने लगी हैं. अबूझमाड़ का इलाका ऐसा है जहां नक्सलियों की दहशत और अक्सर गोलियों की आवाज ही गूंजती रही हैं. गांवों में पहली बार कलेक्टर को देख लोग काफी खुश भी हो रहे हैं. 

दरअसल पिछले महीने ही सरकार ने बस्तर की बेटी नम्रता जैन को बस्तर के नारायणपुर जिले की कमान दी थी. यहां वे कलेक्टर बनकर आई हैं. यहां पदभार लेते ही खुद फील्ड में उतर गई हैं. नारायणपुर का अधिकांश इलाका अबूझमाड़ है. यहां के कई गांव विकास से कोसो दूर रहे हैं. इस जिले के कई इलाके के नक्सलियों के कब्जे में ही रहे हैं. लेकिन अब यहां से भी नक्सलवाद के बादल छंटने लगे हैं. ऐसे में ग्रामीणों को विकास पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में यहां जिले में चार्ज लेते ही कलेक्टर नम्रता जैन भी काफी सक्रिय होकर काम करने उतर गईं. 

बाइक पर बैठ अबूझमाड़ पहुंची

नम्रता जैन बैखौफ होकर सालों से विकास से कोसो दूर रहे गांवों में पहुंच रही हैं. हालही में उन्होंने जिला मुख्यालय से 110 किमी दूर अबूझमाड़ के कई गांवों का दौरा किया. बाइक पर बैठकर जाटलूर, ढोंढरबेड़ा, कुरमेल सहित कई गांवों का दौरा किया. बच्चों के साथ राष्ट्रगान गाया. ग्रामीणों से मिलकर उनके दर्द को सुना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. बच्चों के बीच बैठीं, शिक्षक बनकर उन्हें पढ़ाया भी और अफसरों को निर्देश दिए कि इन गांवों में स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसी हर सुविधाएं पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है. 

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हैंडपंप का पानी चखा, बच्चों को दुलार किया

इन गांवों में नम्रता जैन पहुंची तो यहां हैंडपंप को खुद चेक किया कि पानी आ रहा है या नहीं और पानी भी चखा. इतना ही नहीं बच्चों को दुलार किया. उन्हें पढ़ाया. ये देख ग्रामीण काफी खुश भी हुए. दरअसल नम्रता जैन बस्तर के ही गीदम की रहने वाली हैं. उन्होंने नक्सलवाद और ग्रामीण इलाकों के लोगों की तकलीफों को बेहद करीब से देखा है. ऐसे में यहां चार्ज लेते ही सेवा और सुविधाएं पहुंचाने जुट गई हैं. 

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