दुर्ग नाबालिग गैंगरेप केस, दो का सरेंडर, सात आरोपियों में रिटायर्ड अफसर भी, शादी न कर सके इसलिए दांतों से काटा था  

नाबालिग के साथ नौकरी के बदले करीब 7 वर्षों तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया. सरकारी दफ्तर, दुर्ग, कवर्धा और पाटन के रेस्ट हाउस और रसूखदारों के घरों में भी उसके साथ ज्यादती की गई. पीड़िता की शिकायत के अनुसार, यह सिलसिला साल 2018 में शुरू हुआ था.

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दुर्ग में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में दो मुख्य फरार आरोपी बीएन पांडेय और संजय पंडित ने जिले की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. 30 जनवरी को भिलाई महिला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे. अब 13 दिन बाद उन्होंने सरेंडर किया है. पुलिस ने इस मामले में शिकायत के आधार पर 6 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी. जांच के आधार पर एक और आरोपी अमित वर्मा को गिरफ्तार किया गया था. अब तक इस मामले में 7 आरोपी सामने आ चुके हैं.

आरोपियों में गोविंद सिंह ठाकुर पीडब्ल्यूडी का रिटायर्ड कर्मचारी है, जिसने पीड़िता की मां को नौकरी पर लगवाया था. राजू कश्यप पीडब्ल्यूडी विभाग में टाइम कीपर है, पुलिस के अनुसार इस केस का मुख्य आरोपी है. इसी ने मां-बेटी को पीडब्ल्यूडी का क्वार्टर दिलवाया था. बीएन पांडेय, जिसने 13 दिन बाद सरेंडर किया. वह फिशरीज का रिटायर्ड कर्मचारी है और पहले सांसद के यहां अटैच रहा है.

आरोप है कि इसने पीड़िता के न्यूड वीडियो और फोटो लेकर ब्लैकमेल कर शोषण किया. संजय पंडित पीडब्ल्यूडी का ठेकेदार है. यह होटल और जगह का इंतजाम करता था. नौकरी से हटाने का डर दिखाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करता था. अनिल चौधरी ने खुद को बड़ा रसूखदार बताकर पीड़िता से दुष्कर्म किया, जबकि विजय अग्रवाल शहर के एक बड़े होटल का मैनेजर है, उसने भी भी दुष्कर्म किया है. एक और आरोपी है अमित वर्मा, जो आरोपियों के लिए झूठी कहानी बनाकर होटल अरेंज करवाता था.

सात साल तक दुष्कर्म का शिकार हुई नाबालिग 

पुलिस के अनुसार, नाबालिग के साथ नौकरी के बदले करीब 7 वर्षों तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया. सरकारी दफ्तर, दुर्ग, कवर्धा और पाटन के रेस्ट हाउस और रसूखदारों के घरों में भी उसके साथ ज्यादती की गई. पीड़िता की शिकायत के अनुसार, यह सिलसिला साल 2018 में शुरू हुआ, जब उसकी मां को झाड़ू-पोछा की नौकरी दिलाने के नाम पर दुर्ग बुलाया गया.

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बिलासपुर की रहने वाली यह नाबालिग अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी. जहां पहले पीडब्ल्यूडी विभाग में पदस्थ गोविंद सिंह से मुलाकात हुई, जिन्होंने उन्हें पीडब्ल्यूडी क्वार्टर में ठहराया. इसके बाद राजू कश्यप से मुलाकात कराई गई, जिन्होंने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और धमकियां दीं. लॉकडाउन के दौरान वे बिलासपुर लौट गए, लेकिन वापसी पर राजू कश्यप ने नौकरी के बहाने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस बुलाया. यहां फिशरीज विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी बीएन पांडेय ने पीडब्ल्यूडी में नौकरी लगवाने में मदद की. नौकरी मिलने के बाद पीड़िता दबाव में थी. 

शरीर पर बनाए दांतों के काटने के निशान 

बीएन पांडेय ने उसके न्यूड वीडियो मंगवाए और लगातार दुष्कर्म किया. छुट्टियों में भी यह सिलसिला जारी रहा. 2024 में कारोबारी अनिल चौधरी ने भी दुष्कर्म किया. अक्टूबर 2025 में कारोबारी विजय अग्रवाल ने इंदिरा मार्केट स्थित होटल में बुलाकर रेप किया. इस दौरान पीड़िता की शादी तय हुई थी, जिसे तुड़वाने के लिए उसके शरीर पर दांतों से काटने के निशान बनाए गए.

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पीड़िता ने मंगेतर को बताया, तब खुला मामला

वर्तमान में 21 साल की हो चुकी पीड़िता ने बताया कि 2018 में उसकी मौसी ने दुर्ग बुलाया. गोविंद ठाकुर ने मां की नौकरी लगवाई. अप्रैल 2018 में गोविंद और राजू कश्यप ने क्वार्टर में सामूहिक दुष्कर्म किया और धमकियां दीं. 2020 में लॉकडाउन के बाद वापसी पर 2022-23 में पढ़ाई शुरू की. जुलाई 2023 में राजू कश्यप ने नौकरी का बहाना बनाकर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस बुलाया, जहां बीएन पांडेय, संजय पंडित और राजू ने सामूहिक दुष्कर्म किया. बाद में विभिन्न स्थानों पर वे दुष्कर्म करते रहे. आखिर में मंगेतर को बताने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की है. अब तक 7 आरोपी पकड़े गए हैं.