छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर के इलाके में सक्रिय रहे नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है. बीती रात कांकेर जिले के घोर नक्सल प्रभावित छोटेबेठिया इलाके के बीएसएफ कैंप में नक्सल संगठन के डिवीसीएम(डिविजनल कमेटी मेंबर) ने AK-47 हथियार के साथ आत्मसमर्पण करने पहुंचा. जिसे नक्सल इलाके में शांति की राह पर एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है.
जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने पहुंचे नक्सली का नाम मल्लेश बताया जा रहा है, जो नक्सल संगठन में लंबे समय से विशेष भूमिका निभाते आ रहा था. पुलिस और जवानों की टुकड़ी लगातार मल्लेश की तलाश में थी. बताया जा रहा है कि स्थानीय ग्रामीणों की मदद से यह नक्सली कैंप तक पहुंचा. जिसने अपने साथ में एक AK-47 हथियार भी जवानों को सौंप दिया. क्षेत्र में इसे एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है.
देवजी के सरेंडर के बाद जंगलों में हलचल तेज
तेलंगाना से निकल कर सामने आई खबर कर बाद से नक्सल प्रभावित इलाकों के जंगलों में हलचल तेज हो गई है. नक्सल संगठन के महासचिव देवजी के सरेंडर के बाद से नसक्वाद के रीड की हड्डी टूट गई है. जंगलों में अब भी सक्रिय रूप से भटक रहे कैडरों के लिए संदेश साफ है कि जब शीर्ष नेतृत्व ने हथियार डाल दिए हैं, तो नीचे के स्तर के लोगों का टीका रहना संभव नहीं है.
कांकेर में जल्द कुछ और नक्सली कर सकते है सरेंडर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तर बस्तर कांकेर जिले में सक्रिय कुछ और नक्सली सरेंडर करना चाहते है, जो जल्द ही जंगलों से निकल कर सरकार की पुनर्वास नीति का फायदा लेकर जीवन बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करते नजर आएंगे. इससे इलाके में शांति और विकास को बढ़ावा मिल सकता है.
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उत्तर बस्तर के इलाके में अब सक्रिय नक्सलियों की संख्या 23 पर आकर सिमट गई है. कभी इलाके में सैकड़ों की संख्या में रहे नक्सलियों की संख्या अब बेहद कम बचे हैं. हाल के दिनों में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाके में हुए मुठभेड़ में कम्पनी नम्बर 5 कमांडर फागु और जोगी मारे गए थे. वर्तमान में कांकेर जिले में प्रमुख रूप से परतापुर एरिया कमेटी, कंपनी नंबर-5 सक्रिय है, जिसमें सक्रिय डिवीसीएम चंद्र कतलाम, एसीएम रूपी रेड्डी, एसीएम कुमारी माली, एसीएम मंगेश परचाकी, एसीएम मंगलू पद्दा, एसीएम मनीषा कोर्राम सहित अन्य कैडर के नक्सली शामिल हैं.
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