दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमाक्षेत्र के जंगल में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक सशस्त्र नक्सली मारा गया. मुठभेड़ खत्म होने के बाद सुरक्षा बलों ने एक पुरुष नक्सली का शव, भारी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री के साथ बरामद किया. मारे गए नक्सली की पहचान राजेश के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार, 3 मार्च 2026 को थाना गीदम क्षेत्रांतर्गत ग्राम गुमलनार, गिरसापारा और नेलगोड़ा के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में नक्सली सामग्री और हथियार डम्प होने की सूचना मिली. इस पर पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा के निर्देश,उप पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) राहुल कुमार उइके के नेतृत्व में डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवानों की टीम को रवाना किया गया.
घात लगाकर की फायरिंग
दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस बल संभावित स्थल की ओर बढ़ते हुए जंगल-पहाड़ी इलाके में सघन सर्चिंग और घेराबंदी कर आगे बढ़ रहा था. रात करीब 8:30 से 9:00 बजे के बीच पहले से घात लगाए बैठे भैरमगढ़ एरिया कमेटी के 8 से 10 सशस्त्र माओवादियों ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. माओवादियों का उद्देश्य पुलिस पार्टी पर हमला कर हथियार लूटना था.
घिरे तो बचकर भागे
पुलिस जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए माओवादियों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन उनकी ओर से फायरिंग जारी रही. स्थिति को देखते हुए जवानों ने जवाबी फायरिंग की. पुलिस की प्रभावी कार्रवाई से माओवादी घने जंगल अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए.
हथियारों का जखीरा बरामद
मुठभेड़ के बाद सर्चिंग के दौरान घटनास्थल की सघन तलाशी लेने पर सुरक्षाबलों ने नक्सली के शव के साथ एक SLR रायफल, एक INSAS रायफल, एक पिस्टल मय मैगजीन, एन वॉकी-टॉकी सेट, एक एसएलआर मैगजीन, छह एसएलआर जिंदा राउंड, तीन इंसास मैगजीन, पांच इंसास जिंदा राउंड समेत अन्य सामान बरामद किया.
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पूर्व नक्सलियों की मदद से हुई पहचान
बरामद शव की पहचान आत्मसमर्पित कैडर की मदद से राजेश पुनेम के रूप में हुई है, जो भैरमगढ़ एरिया कमेटी का एसीएम था. उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. मारा गया नक्सली राजेश ग्राम बुरजी, जिला बीजापुर का रहने वाला था.