Chhattisgarh: स्कूल शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर प्रदर्शन, SC के आदेश के बावजूद टीचर भर्ती न करने का आरोप

छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के लिए डीएड योग्य अभ्यर्थी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के रायपुर स्थित बंगले के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रही है.

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छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के रायपुर स्थित बंगले के बाहर फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. अभ्यर्थी बुधवार तड़के ही पहुंच गए थे. सहायक शिक्षक भर्ती 2023 से संबंधित डी.एड. (डिप्लोमा इन एजुकेशन) योग्य अभ्यर्थी मांग को लेकर लगभग एक महीने से रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान वह अपनी आवाज सुनाने दूसरी बार मंत्री के घर के बाह पहुंच गए.

सहायक शिक्षक भर्ती 2023 से संबंधित डीएड योग्य अभ्यर्थियों ने 24 दिसंबर 2025 से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की थी. इसके बाद से आंदोलन अब तक जारी है. डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवेहलना कर रही है. जिसमें कोर्ट ने प्राइमरी लेवल पर B.Ed अभ्यर्थियों को बर्खास्त कर दिया था, जिनके स्थान पर  डीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया था. वहीं, हाईकोर्ट ने भी 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को यही आदेश दिया था.

विधानसभा में भी उठा था मुद्दा

अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन, आवेदन एवं निवेदन सौंपे, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई. यह मामला 17 दिसंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी उठाया गया था, जिस पर वर्तमान शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा था कि भर्ती की कोई समय-सीमा नहीं बताई जा सकती, जिससे अभ्यर्थियों में भारी निराशा है.

अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है. इसका उद्देश्य केवल न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के शेष 2300 पदों पर डीएड योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित कराना है.

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