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This Article is From Feb 19, 2026

मांगी नौकरी तो मिली जेल,  सलाखों के पीछे भेजे गए प्रदर्शन कर रहे हैं 120 डीएड अभ्यर्थी

D-ed candidates Protest: प्रदर्शनकारी शैलेंद्र साहू ने बताया कि बुधवार को धरना प्रदर्शन के बाद हम वापस तूता धरना स्थल पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से आगे की रणनीति बना रहे थे. इसी दौरान बड़ी संख्या में पुलिस के जवान पहुंचे और हमारे साथियों को लेकर सेंट्रल जेल चले गए. उनपर BNS की प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.

मांगी नौकरी तो मिली जेल,  सलाखों के पीछे भेजे गए प्रदर्शन कर रहे हैं 120 डीएड अभ्यर्थी

छत्तीसगढ़ के शासकीय प्राथमिक शालाओं में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती की मांग कर रहे D. Ed अभ्यर्थियों को सेंट्रल जेल रायपुर में बंद कर दिया गया है. रायपुर के धरना स्थल तूता से बुधवार की रात अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया. यह वह 120 अभ्यर्थी हैं, जो पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे. इन प्रदर्शनकारियों ने बीते बुधवार को अंगारे पर चलने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग कर बुझा दिया था.

रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद किए गए 120 प्रदर्शनकारियों में से करीब 40 महिलाएं भी हैं. प्रदर्शनकारी शैलेंद्र साहू ने बताया कि बुधवार को धरना प्रदर्शन के बाद हम वापस तूता धरना स्थल पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से आगे की रणनीति बना रहे थे. इसी दौरान बड़ी संख्या में पुलिस के जवान पहुंचे और हमारे साथियों को लेकर सेंट्रल जेल चले गए. उनपर BNS की प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. कहा जा रहा है कि कम से कम तीन दिन तक उन्हें जेल में बंद रखा जाएगा.

कांग्रेस पार्टी ने जताया विरोध

D-ed अभ्यर्थियों को जेल में बंद किए जाने का कांग्रेस ने विरोध किया है. कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि सरकार का यह तानाशाही रवैया है. इस मसले पर सरकार कोई हल नहीं निकालना चाहती है. कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव ने भी D.Ed अभ्यर्थियों के पक्ष में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने सरकार को युवा विरोधी बताया है.

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बता दें कि साल 2023 में सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा हुई थी, जिसमें प्राथमिक शाला में भी बीएड अभ्यर्थियों को भी भर्ती किया गया था, जिसे बाद में कोर्ट के आदेश पर बाहर किया गया. 2600 पदों पर D.Ed डिग्री धारियों को भर्ती लेना था, लेकिन इसके बाद की गई काउंसलिंग में सिर्फ 1300 अभ्यर्थियों ने ही ज्वाइन किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक काउंसलिंग के बाद वेटिंग लिस्ट में शामिल दूसरे लोगों को मौका नहीं दिया गया. इसी मौके की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन चल रहा है.

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