Coal Mine Rescue : कोयला चोरी करने गए युवक का नहीं मिल पा रहा कोई भी सुराग, 50 घंंटे से चल रहा है रेस्क्यू ऑपरेशन

दरअसल एसईसीएल विश्रामपुर के बंद पड़े कोयला खदान में चोरी करने की नियत से घुसे 6 व्यक्तियों में से एक युवक की खदान की छत से चट्टान गिरने से खदान के अंदर ही फंसे होने की जानकारी विश्रामपुर पुलिस व एसईसीएल प्रबंधन को 26 फ़रवरी को मिली थी.

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युवक का नहीं लग पा रहा है कोई सुराग

Chhattisgarh News: कोयला चोरी करने खदान में गए युवक की मौत को 50 घंटे हो जाने के बाद भी उसको अभी तक निकाला नहीं जा सका है. सोमवार को सुरंग बनाकर कोयला चोरी करने घुसे एक युवक की खदान का मलबा गिरने से दब जानें की जानकारी मिली थी. जिसके बाद बीते 48 घंटों से रेस्क्यू के बाद भी चट्टान के नीचे दबे व्यक्ति को निकाला नहीं जा सका है. चट्टान में दबे युवक की बरामदगी के लिए एसईसीएल व नगर सेना की डीडीआरएफ टीम काफी प्रयास कर रही है लेकिन सफलता हाथ नहीं लग पा रही है.

6 व्यक्तियों में से एक खदान के अंदर फंस गया

दरअसल एसईसीएल विश्रामपुर के बंद पड़े कोयला खदान में चोरी करने की नियत से घुसे 6 व्यक्तियों में से एक युवक की खदान की छत से चट्टान गिरने से खदान के अंदर ही फंसे होने की जानकारी विश्रामपुर पुलिस व एसईसीएल प्रबंधन को 26 फ़रवरी को मिली थी. जहां बताया गया था की सुबह सुरंग के रास्ते से खदान में घुसे सुनील सोनी, बुधियार, नंदू सिंह, संजय, साधन बंगाली बंद खदान से बोरियों में कोयला भरा और सुरंग के रास्ते बोरियों में भरे कोयले को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे. उसी दौरान बन्द खदान की छत की चट्टान गिर गयी इसके नीचे सुनील सोनी दब गया.

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जहां सूचना पर घटना स्थल पहुंच पुलिस व एसईसीएल व डीडीआरएफ की टीम पिछले 50 घंटे से प्रयास कर रही है लेकिन पुरानी व बंद पड़ी खदान होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. मंगलवार देर शाम तक खदान में फंसे युवक को नहीं निकाला जा सका था. वहीं आज एक बार फिर एसईसीएल डीडीआरएफ और विश्रामपुर पुलिस टीम ने रेस्क्यू शुरु कर दिया है.

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सुरंगों को बंद करने एसईसीएल को लिखा था पत्र

जहां विश्रामपुर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा ने बताया कि महीनों पहले खदान में अवैध चोरी की जानकारी के बाद चोरी वाले संबंधित जगहों की जानकारी एसईसीएल को दी गई थी. वहीं 10 अक्टूबर से लेकर बीते 24 फरवरी तक एसईसीएल के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र लिखकर गंभीर दुर्घटना घटित होने की संभावना का उल्लेख करते हुए जनहित में बन्द भूमिगत खदान में बनाई गई सुरंग को बंद करने का आग्रह किया था. पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर सूरजपुर ने भी अवैध सुरंगों को बंद करने एसईसीएल प्रबंधन को पत्र लिखा था लेकिन इस पर एसईसीएल की तरफ से कोई कर्रवाई नहीं हुई और घटना हो गई.

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