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This Article is From Oct 27, 2025

Chhath Puja 2025: छत्तीसगढ़ में छठ महापर्व की धूम; श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्पित किया अर्घ्य

Chhattisgarh Chhath Puja 2025 में पूरे प्रदेश में भक्तिमय माहौल दिखा, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को Arghya अर्पित किया. जशपुर से लेकर Ambikapur, Raigarh, Surajpur और Narayanpur तक Chhath Puja ghats पूरी तरह रोशन रहे. CM Vishnu Deo Sai ने भी भाग लेकर प्रदेश की खुशहाली की कामना की.

Chhath Puja 2025: छत्तीसगढ़ में छठ महापर्व की धूम; श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्पित किया अर्घ्य

Chhattisgarh Chhath Puja 2025: सूर्य उपासना और लोक आस्था के प्रतीक महापर्व छठ पूजा इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ में अद्भुत श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया. बिहार और पूर्वांचल की परंपरा माने जाने वाला यह पर्व अब छत्तीसगढ़ की सामाजिक आत्मा में गहराई से रच‐बस गया है. नदियों, तालाबों और घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख‐समृद्धि की कामना की. छत्तीसगढ़ के हर जिले ने अपनी विशिष्टता के साथ इस उत्सव को जीया, यही इस महापर्व को लोक और भावना की एकजुट शक्ति बनाता है.

जशपुर : मुख्यमंत्री पहुंचे दुलदुला घाट

जशपुर के दुलदुला घाट पर इस वर्ष का मुख्य राज्यस्तरीय आयोजन हुआ, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पत्नी कौशल्या साय के साथ शामिल हुए. उन्होंने व्रतियों से संवाद करते हुए डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की. घाट का वातावरण आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम था, जहां सरकारी व्यवस्था भी अत्यंत सटीक दिखी.

जशपुर में सीएम साय ने अपनी पत्नी के साथ पूजा की।

जशपुर में सीएम साय ने अपनी पत्नी के साथ पूजा की।

रायगढ़ : केलो नदी तट पर दीपों की अनुपम छटा

रायगढ़ के जुटमिल स्थित केलो नदी छठ घाट को दीप, फूल और झालरों से सजाया गया था. हजारों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में बांस के डाले लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करती दिखीं. हो खर्रा घाट, रपटा पुल घाट और बोइरदादर इलाके में भी छठ गीतों और जयकारों से पूरा माहौल दिव्यता से भरा रहा. प्रशासन ने सुरक्षा और स्वच्छता की बेहतरीन व्यवस्था की.

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नारायणपुर: नक्सल क्षेत्र में भी उमड़ी आस्था की लोकधारा

नारायणपुर, जिसे अबूझमाड़ का प्रवेश द्वार कहा जाता है. यहां भी छठ महापर्व ने सीमाओं को लांघते हुए एकता का सशक्त संदेश दिया. उत्तर भारतीय समुदाय के साथ स्थानीय आदिवासी समाज ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी की. बंधुवा तालाब महादेव घाट पर 35 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने इस वर्ष एक जनसैलाब का रूप ले लिया.

नारायणपुर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।

नारायणपुर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।

दुर्ग: तालाब किनारे जुटे श्रद्धालु 

दुर्ग के भिलाई में सेक्टर-7 तालाब के आसपास सुबह से ही तैयारियों का दौर शुरू हो गया था. जैसे ही सूर्य अस्ताचल की ओर बढ़ा, घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. पारंपरिक छठ गीतों और मंत्रोच्चार के बीच व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. परिवारों की सामूहिक आस्था का यह दृश्य अत्यंत भावनात्मक रहा.

दुर्ग में भी छठ महापर्व का कार्यक्रम हुआ।

दुर्ग में भी छठ महापर्व का कार्यक्रम हुआ।

अम्बिकापुर: डूबते हुए सूर्य को दिया अर्घ्य

लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा अम्बिकापुर में शुरू हो गया है. अम्बिकापुर में विभिन्न घाटों पर डूबते हुए सूर्य को छठ व्रतियों के द्वारा अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की. उत्तर भारत का यह प्रमुख त्योहार अम्बिकापुर में भी हजारों की संख्या में लोगों के द्वारा मनाया गया. घाटों में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और एनडीआरएफ के जवान तैनात रहीं.  

अंबिकापुर में श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।

अंबिकापुर में श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया।

राजनांदगांव: मोती तालाब पर उमड़ी भीड़

लोक आस्था के महापर्व कहे जाने वाले छठ पर्व को लेकर पूरे देश भर में विधि विधान से पूजा की जा रही है. राजनांदगांव शहर के मोती तालाब में भी लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर आज डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया. विधि विधान से पूजा अर्चना की. इस दौरान बड़ी संख्या में छठ का व्रत रखी महिलाएं और उनके परिजन मौजूद रहे और विधि विधान से पूजा अर्चना की. 

कोरिया: शिवपुर चरचा में छठ पूजा

कोरिया जिले के नगर पालिका शिवपुर चरचा में छठ पूजा के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्ठा हुई. शाम के समय श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया. नदी-तालाब घाटों पर भक्ति और आस्था का माहौल दिखा. महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. घाटों पर सुरक्षा के लिए पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी रही.

कोरिया में बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर इकट्ठा हुए।

कोरिया में बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर इकट्ठा हुए।

सूरजपुर: सांसद चिंतामणि महराज ने की पूजा

नगर पालिका सूरजपुर में छठ पूजा के लिए भारी भीड़ उमड़ी. शाम के समय श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया.  सरगुजा सांसद चिंतामणि महराज छठ पूजा में शामिल हुए.  महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.  सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पुलिस मौजूद रहीं. 

सुरजपुर में घाट से एक मनमोहक तस्वीर सामने आई।

सुरजपुर में घाट से एक मनमोहक तस्वीर सामने आई।

बलरामपुर: सामूहिक आस्था की जीवंत परंपरा

बलरामपुर जिले में भी मां सिंदूर नदी तट पर लोक आस्था सूर्य उपासना छठ महापर्व पर पूरे विधि विधान के साथ व्रत कर रहे वृतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देखकर पूजा अर्चना की. इस दौरान छठ घाट में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ देखने को मिली. साथ ही विशिष्ट और पर इस बार बलरामपुर छठ पूजा समिति के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान देते हुए जगह-जगह पर पुलिस बल की तैनाती लगाई गई है.

बलरामपुर में भक्त छठी मैया की भक्ति में लीन दिखे।

बलरामपुर में भक्त छठी मैया की भक्ति में लीन दिखे।

धमतरी: रुद्रेश्वर घाट में महिलाओं ने डूबते सूरज को दिया अर्घ्य 

धमतरी जिले में भी छठ पर्व को लेकर काफी उत्साह का माहौल देखा गया. जिले के रुद्री में स्थित रुद्रेश्वर घाट पूजा स्थल में आज व्रती महिलाओं ने छठी मैया की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की. वही डूबते हुए सूरज को महिलाओं ने अर्घ्य दिया. महिलाओं ने बताया कि छठ पूजा की शुरुआत 25 अक्टूबर से हुई है, पहले दिन नहाए खाए से छठ पर्व की शुरुआत हुई.   

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