Chhattisgarh Census 2027 Press Conference: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ और जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस जनगणना अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जनगणना देश का सबसे बड़ा सर्वेक्षण होगा और आजादी के बाद यह आठवीं जनगणना होगी.
दो चरणों में पूरी की जाएगी जनगणना की प्रक्रिया
सरकार ने इस बार गृह विभाग को नोडल विभाग बनाया है, जो पूरे अभियान का संचालन करेगा. जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी. पहले चरण की शुरुआत 1 मई से होगी, जो 30 मई तक चलेगी. इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे.
छत्तीसगढ़ के 19,978 गांवों में होगी जनगणना
इस बार की जनगणना की सबसे खास बात यह है कि लोगों को पहली बार स्व-गणना की सुविधा दी जा रही है. 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं. हालांकि यह सुविधा पूरी तरह से ऐच्छिक रखी गई है. अधिकारियों के अनुसार, राज्य के सभी 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और 252 तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 19,978 गांवों में यह अभियान चलाया जाएगा. इसके लिए करीब 49,000 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं.
62,500 कर्मियों की ड्यूटी पर
पहले चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकानों की स्थिति, परिवार की जानकारी, आवासीय स्थिति और परिवार की संपत्ति से जुड़े प्रश्न शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसे किसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा.
इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए राज्य में 62,500 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. इनमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तरीय अधिकारी और 472 चार्ज ऑफिसर्स शामिल हैं.
जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से भी की जाएगी, जिसके लिए मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा. प्रत्येक प्रगणक को अधिकतम 800 व्यक्तियों और 180 मकानों का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है. सरकार का दावा है कि इस बार की जनगणना तकनीकी रूप से अधिक सटीक, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक होगी, जिससे विकास योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू किया जा.