मंत्री देवांगन के विभागों की ₹1,823 करोड़ से अधिक अनुदान मांगें पारित; निवेश प्रस्ताव ₹8 लाख करोड़ पार

छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों की ₹1,823.87 करोड़ की अनुदान मांगें पारित हुईं. वाणिज्य एवं उद्योग के लिए ₹1,567.86 करोड़ और श्रम विभाग के लिए ₹256.90 करोड़ स्वीकृत हुए.

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Chhattisgarh Budget Grants 2026-27: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा श्रम विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की कुल ₹1,823.87 करोड़ की अनुदान मांगें पारित हुईं. इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए ₹1,567.86 करोड़ और श्रम विभाग के लिए ₹256.90 करोड़ स्वीकृत हुए. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं. राज्य को अब तक ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें उभरते क्षेत्रों में बड़े निवेश शामिल हैं.

उद्योग विभाग: बजट, पारदर्शिता और निवेश का प्रवाह

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि औद्योगिक विकास के लिए विभाग को ₹1,750 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसमें ₹652 करोड़ उद्योगों को अनुदान और लगभग ₹700 करोड़ भू-अर्जन, भूमि विकास और औद्योगिक अधोसंरचना पर खर्च होंगे. औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन अब ई‑निविदा से हो रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व में 20% से अधिक वृद्धि दर्ज हुई है. राज्य ने 140+ निवेशकों को ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट' जारी किया है और कुल ₹8 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव मिले हैं—स्टील, पावर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल्स, आईटी, BPO और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों से.

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नए उद्योग, रोजगार और औद्योगिक पार्क

बीते एक वर्ष में 951 उद्योग स्थापित हुए, जिनसे ₹8,000 करोड़+ का निवेश आया और 45,000+ रोजगार सृजित हुए. बस्तर से सरगुजा तक 23 नए औद्योगिक क्षेत्र/पार्क विकसित हो रहे हैं, जिनमें 4 फ्लैटेड फैक्ट्री अधोसंरचनाएं भी शामिल हैं. महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बिलासपुर में 2 कामकाजी महिला हॉस्टल निर्माणाधीन हैं, जिन पर ₹20 करोड़ का प्रावधान है. निजी भूमि पर औद्योगिक पार्क बनाने वालों के लिए अधोसंरचना लागत पर 50% अनुदान की व्यवस्था की गई है. स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट‑अप मिशन को ₹100 करोड़ आवंटित किए गए हैं.

श्रम विभाग: सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और बढ़ी सहायता

श्रम विभाग के तहत असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की 56 प्रवर्गों के लिए ₹128 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष से लगभग ₹3 करोड़ अधिक है. 96 श्रमिक बच्चों को कक्षा 6 में डीपीएस, राजकुमार कॉलेज और कांगेर वैली जैसे उत्कृष्ट स्कूलों में निशुल्क शिक्षा मिल रही है. अगले वर्ष ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' के जरिए 200 बच्चों को उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा. वर्ष 2025 में 31 योजनाओं पर ₹387 करोड़+ व्यय कर 32.58 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को लाभ दिया गया. संगठित क्षेत्र के 2.01 लाख श्रमिकों के लिए 14 योजनाओं हेतु ₹6 करोड़ का प्रावधान है.

  • श्रमिक आवास सहायता: प्रति आवास ₹1.00 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख.
  • ई‑रिक्शा सहायता: ₹1.00 लाख से बढ़ाकर ₹1.50 लाख.
  • औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा: ₹10 करोड़.
  • इंडस्ट्रियल हाइजीन लैब: ₹5 करोड़.
  • कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएँ (ESI): ₹76.38 करोड़.
  • लाइसेंस नवीनीकरण, ऑन‑साइट आपात योजना और फैक्ट्री भवन नक्शों का निस्तारण अब ऑनलाइन हो रहा है, जिससे प्रक्रिया तेज और सरल बनी है.

आबकारी विभाग: राजस्व में उछाल और नई भर्तियां

विभागीय दक्षता बढ़ाने के लिए 10 जिला अधिकारी और 85 आबकारी उपनिरीक्षकों की भर्ती हो चुकी है, जबकि 200 आबकारी आरक्षक की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है. वर्ष 2024‑25 में ₹10,500 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध ₹10,145 करोड़ आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ, जो 2023‑24 के ₹8,430 करोड़ से 20.35% अधिक है और राज्य के कुल कर राजस्व का लगभग 11% है. वर्ष 2025‑26 के लिए ₹12,000 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध 28 फरवरी 2026 तक ₹9,660 करोड़ (लगभग 80.50%) हासिल किए जा चुके हैं.

नवा रायपुर में कम्पोजिट कार्यालय भवन का प्रस्ताव

वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की प्रशासनिक दक्षता के लिए नवा रायपुर में कम्पोजिट कार्यालय भवन बनाने का प्रस्ताव है. इसमें आबकारी मुख्यालय के साथ CSMCL, CSBCL, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता, आबकारी प्रशिक्षण संस्थान, रासायनिक प्रयोगशाला, तथा प्रशिक्षु कर्मचारियों के लिए छात्रावास व प्रशिक्षण स्थल शामिल होंगे. इसके लिए ₹15 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है.

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