इंटर कास्ट मैर‍िज करने पर 8 दंपत्तियों का सामाजिक बहिष्कार, जीव‍ित रहते कर द‍िया 'मृत्युभोज'

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वाले 8 दंपत्तियों को समाज से बहिष्कृत करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पीड़ितों का हुक्का-पानी बंद करने के साथ ही उनका प्रतीकात्मक मृत्युभोज भी करा दिया गया. मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ितों ने बिलासपुर कलेक्टर और सिविल लाइन थाने में न्याय की गुहार लगाई है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामाजिक कुरुति और प्रताड़ना का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां अंतरजातीय प्रेम विवाह करने की 'सजा' के तौर पर 8 दंपत्तियों को न सिर्फ समाज से बाहर कर दिया गया, बल्कि जिंदा रहते हुए उनका प्रतीकात्मक 'मृत्युभोज' (तीज-नहावन) तक करा दिया गया. इस अमानवीय व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर सभी पीड़ित युवक न्याय के लिए सिविल लाइन थाना और जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे हैं. 

chhattisgarh bilaspur intercaste marriage couples social boycott 

हुक्का-पानी बंद और भारी-भरकम जुर्माना

पीड़ितों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, अंतरजातीय विवाह करने के बाद समाज के कुछ रसूखदार पदाधिकारियों और ठेकेदारों ने उनके परिवारों को समाज से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है. पीड़ितों का आरोप है कि उनके परिवारों का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है. शादी-विवाह, मृत्युभोज या किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में उनके शामिल होने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. समाज में वापस लेने के नाम पर उन पर भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका गया.

Advertisement

एनडीटीवी से बातचीत में पीड़ितों ने बताया क‍ि "समाज में दोबारा शामिल करने का झांसा देकर कई बार बैठकें बुलाई गईं, लेकिन अंत में हमें स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया गया. समाज के ठेकेदारों द्वारा लगातार दिए जा रहे दबाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण हमारे परिवारों का सामान्य जीना दूभर हो गया है." 

chhattisgarh bilaspur intercaste marriage couples social boycott 

प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग

सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे युवाओं ने बिलासपुर कलेक्टर और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस अमानवीय और क्रूर कृत्य के पीछे जिम्मेदार समाज के पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. पीड़ितों का कहना है कि दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य नवविवाहित जोड़े को इस तरह के मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े. फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

ये भी पढ़ें-  ट्विशा शर्मा: दोबारा पोस्‍टमार्टम के बाद तेरहवीं के दिन अंतिम संस्कार, जानें 13 दिनों की पूरी टाइमलाइन

Topics mentioned in this article