छत्तीसगढ़ में PM आवास, शराब नीति व मेडिकल कॉलेज पर गरमाई राजनीति, BJP और कांग्रेस आमने-सामने

छत्तीसगढ़ में 5 मेडिकल कॉलेजों को NMC से अनुमति नहीं मिलने पर सियासी घमासान शुरू हो गया है. वहीं आवास योजना, शराब नीति और आदिवासी मुद्दों पर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है, जिससे प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. जानिए किसने क्या कहा?

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छत्तीसगढ़ में आवास, शराब नीति और मेडिकल कॉलेज पर गरमाई राजनीति

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी योजनाओं और राजनीतिक मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है. एक ओर प्रदेश के पांच नए मेडिकल कॉलेजों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से अनुमति नहीं मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सफाई दी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने इसे सरकार की विफलता करार दिया है. साथ ही, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आवास योजना, शराब नीति और आदिवासियों के मुद्दों को लेकर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इन मुद्दों पर जारी बयानबाजी ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है.

मेडिकल कॉलेजों को अनुमति न मिलने पर सरकार का पक्ष

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मान्यता नहीं मिलने के मुद्दे पर कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है. उन्होंने बताया कि कॉलेजों के भवन निर्माण का काम अभी जारी है, जिसके कारण राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने फिलहाल अनुमति नहीं दी है. जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार जल्द ही आवश्यक सुधार कर दोबारा आवेदन करेगी और मान्यता प्राप्त करने का प्रयास जारी रहेगा.

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टीएस सिंहदेव का हमला- 'सरकार काम नहीं कर पा रही'

मेडिकल कॉलेजों की मान्यता को लेकर कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह स्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर काम नहीं कर पा रही है. उन्होंने कहा कि जमीन, टेंडर और निर्माण जैसे बुनियादी कार्यों में ही देरी हो रही है, जिससे योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं.

पीएम आवास योजना पर भी आरोप-प्रत्यारोप

पीएम आवास योजना को लेकर भी सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए. सिंहदेव ने स्वीकार किया कि उनके कार्यकाल में आवास निर्माण में दिक्कतें थीं, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए पद से हटने का फैसला किया था. वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि वर्तमान सरकार के भीतर ही समन्वय की कमी है, जिसके कारण हितग्राहियों को समय पर राशि नहीं मिल रही है. उन्होंने दावा किया कि कई लोगों को अब तक दूसरी किस्त नहीं मिली है.

शराब नीति और राजस्व पर विवाद

आबकारी नीति को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. सिंहदेव ने शराब से प्राप्त राजस्व को महतारी वंदन योजना से जोड़ने पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराई को राजस्व के नजरिए से देखना उचित नहीं है और इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है. वहीं दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब की ओवररेटिंग और अवैध बिक्री का खेल जारी है, लेकिन सरकार केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रही है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और ईडी जांच की मांग की.

आदिवासी मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीति

रायपुर में होने वाली कांग्रेस की अहम बैठक को लेकर दीपक बैज ने बताया कि इसमें प्रदेशभर के आदिवासी नेता, विधायक और पूर्व विधायक शामिल होंगे. बैठक में जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों, विस्थापन और कथित उत्पीड़न पर चर्चा कर सरकार के खिलाफ आगे की रणनीति बनाई जाएगी.

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वक्फ बोर्ड के आदेश पर संतुलित प्रतिक्रिया

वक्फ बोर्ड के नए नियमों पर प्रतिक्रिया देते हुए टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि यदि ऐसे नियम सभी धर्मों के आयोजनों पर समान रूप से लागू किए जाते हैं, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में समानता का सिद्धांत अपनाना जरूरी है.

घर-घर अभियान पर सियासी बयान

बीजेपी के घर-घर अभियान पर सिंहदेव ने कहा कि कांग्रेस नेता भी लगातार जनता के बीच जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि आम लोगों में कई मुद्दों को लेकर असंतोष है और विकास कार्यों की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है.

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प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज

मेडिकल कॉलेज, पीएम आवास योजना, शराब नीति और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के साथ जनता के बीच जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दे और अधिक तूल पकड़ सकते हैं.

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