छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है, जबकि सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की है. राजधानी रायपुर समेत दुर्ग जिले में दिनभर बादल छाए रहने और दोपहर बाद हल्की बारिश होने की संभावना है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम सुहावना बना रहेगा.
आज कई जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक आज छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. खासतौर पर सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है.
रायपुर-दुर्ग में बादलों का डेरा
राजधानी रायपुर और दुर्ग जिले में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश हो सकती है. बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है.
आज रायपुर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बादल और रुक-रुक कर होने वाली बारिश की वजह से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और आरामदायक बना रह सकता है.
पूरे देश में सक्रिय हुआ मानसून
मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 9 जुलाई को पूरे देश में पहुंच चुका है. सामान्य रूप से मानसून 8 जुलाई तक पूरे भारत को कवर कर लेता है, लेकिन इस बार यह एक दिन की देरी से देशभर में सक्रिय हुआ. मानसून की सक्रियता का असर अब छत्तीसगढ़ में भी साफ दिखाई दे रहा है और आगामी दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है.
अगले चार दिनों तक कैसा रहेगा मौसम
पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार दिनों तक छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है. कुछ स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. मानसून के सक्रिय रहने से तापमान नियंत्रित रहेगा और मौसम सामान्य से अधिक सुहावना रहने की उम्मीद है.
मौसम विभाग की लोगों को सलाह
खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित माना गया है. यदि जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें.
आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए लोगों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देने की सलाह दी गई है. किसानों और मजदूरों से कहा गया है कि खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचें. वहीं वाहन चालकों को बारिश और कम दृश्यता की स्थिति में धीमी गति से वाहन चलाने और पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.