CG News: सीएम विष्णु देव कैबिनेट का निर्णय, राजिम कुंभ (कल्प) की होगी शुरूआत, बढ़ेगी राजिम मेले की पहचान

Chhattisgarh Cabinet Meeting Decisions News: वर्ष 2019 में राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने इस धार्मिक मेले का नाम राजिम कुंभ से बदलकर राजिम माघी पुन्नी मेला कर दिया था. कांग्रेस ने दावा किया था कि इस मेले का प्राचीन नाम राजिम माघी पुन्नी मेला था, जिसे भारतीय जनता पार्टी सरकार (BJP Government) ने 2006 में बदल दिया था.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Chhattisgarh Government Cabinet Meeting Decisions News: छत्तीसगढ़ सरकार ने महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के दौरान राजिम शहर में आयोजित होने वाले विशाल धार्मिक समागम का नाम बदलकर 'राजिम कुंभ (कल्प) मेला' करने का फैसला किया है. यह जानकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को दी है. अधिकारियों के मुताबिक इस मेले को कांग्रेस के शासनकाल के दौरान 'राजिम माघी पुन्नी मेला' के नाम से जाना जाता था. यह निर्णय यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री (Chief Minister of Chhattisgarh) विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक (Cabinet Meeting) में लिया गया.

Advertisement

राजिम कहां पर है?

राजिम एक लोकप्रिय ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है जो रायपुर जिले से लगे गरियाबंद जिले में महानदी के तट पर स्थित है. देश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग महत्वपूर्ण अवसरों पर नदी में पवित्र स्नान करने के लिए इस स्थान पर आते हैं. हर साल महाशिवरात्रि के दौरान राजिम में एक विशाल सभा आयोजित की जाती है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं.

Advertisement
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मंत्रिमंडल ने राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के शहर राजिम के गौरव को बहाल करने के लिए राजिम कुंभ (कल्प) मेले को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है. अब राजिम माघी पुन्नी मेला के स्थान पर राजिम कुंभ (कल्प) मेला का आयोजन किया जाएगा.

बयान में कहा गया कि कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ राजिम माघी पुन्नी मेला अधिनियम, 2006 में संशोधन के लिए 'छत्तीसगढ़ राजिम माघी पुन्नी मेला (संशोधन विधेयक 2024)' के प्रारूप को मंजूरी दे दी है. बयान के अनुसार राजिम कुंभ (कल्प) मेले के फिर से शुरू होने से इस मेले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता मिलेगी. विज्ञप्ति में कहा गया कि इसके अलावा, राज्य में सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

Advertisement

कांग्रेस ने बदला था नाम

वर्ष 2019 में राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने इस धार्मिक मेले का नाम राजिम कुंभ से बदलकर राजिम माघी पुन्नी मेला कर दिया था. कांग्रेस ने दावा किया था कि इस मेले का प्राचीन नाम राजिम माघी पुन्नी मेला था, जिसे भारतीय जनता पार्टी सरकार (BJP Government) ने 2006 में बदल दिया था.

यह भी पढ़ें : मोदी की गारंटी, प्रमुख योजनाएं, राजकोषीय-आर्थिक स्थिति, विभागों की ग्रोथ, जानिए छत्तीसगढ़ बजट की प्रमुख बातें