छत्तीसगढ़: अबूझमाड़ के जंगलों में मिली नक्सलियों की 500 मीटर लंबी सुरंग, देखिए कैसी है ये 'मांद'?

Chhattisgarh Anti Naxal Operation: छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में से एक है और यह नक्सलियों का खुफिया ठिकाना बना हुआ है, जहां से वो अपने घातक इरादों को अंजाम दे रहे हैं. इस बीच जवानों ने माओवादियों के एक सुरक्षित ठिकाने का भी खुलासा किया है.

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Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे की मुहिम में लगे सुरक्षाबलों के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. सुरक्षाबलों ने अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सलियों के 500 मीटर लंबी और करीब 7 फीट गहरे सुरंग को खोज निकाला है. माओवादियों ने इसे अपना सुरक्षित ठिकाना बना रखा था. अब इस सुरंग की तस्वीरें वायरल हो रही है. NDTV की टीम भी सुदूर जंगलों में मौजूद इस सुरंग के पास न सिर्फ पहुंचा बल्कि गहराई से इसका जायजा भी लिया. पढ़िए विकास तिवारी की Exclusive रिपोर्ट.   

बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से माओवाद का खात्मा कर दिया जाएगा. 2024 से अब तक जिस तरह से माओवादियों को नुकसान पहुंचा है, उससे अब लगने लगा है कि संगठन बैकफ़ुट पर है. इस बीच जवानों ने अबूझमाड़ के जंगलों में माओवादियों के एक सुरक्षित ठिकाने का खुलासा किया है .

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Anti Naxal Operation

माओवादियों की 500 मीटर लंबी सुरंग तक पहुंची NDTV की टीम

माओवादियों द्वारा बनाये गए इस सुरंग को देखकर हर कोई हतप्रभ रह गया था कि कैसे अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाके में माओवादियों ने इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण कर लिया. अब उस सुरंग तक NDTV की टीम भी पहुंची है. बीजापुर के भैरमगढ़ से इंद्रावती नदी पार कर जब आप अबूझमाड़ में प्रवेश करेंगे. इसके बाद पतली पगडंडियों से होते हुए जब घने जंगलों में प्रवेश करेंगे तो जंगलों के बीच ये सुरंग मिलेगी.

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हालांकि जवानों के द्वारा इसे बरामद करने के बाद माओवादियों ने इसका उपयोग बंद कर दिया है, जिसकी वजह से अब यह कुछ कुछ जगहों पर धंस गई है, लेकिन अभी भी इसका बहुत बड़ा हिस्सा पूर्व की तरह ही है जिसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि माओवादियों ने जिस इलाके में अपना साम्राज्य स्थापित किया है, वहां किस तरह से खुद को सुरक्षित रखने के लिए तमाम तरह के उपाय कर रखे थे.

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कैसा है माओवादियों का 500 मीटर लंबी सुरंग?

जमीन के भीतर लगभग पांच सौ मीटर की लंबी सुरंग के भीतर आप आराम से चल सकते हैं और रह सकते हैं. जंगलों के बीच में यह सुरंग न तो जमीन से नजर आती है न ही आसमान से. माओवादी इसके अंदर घुस जाएं तो कहीं से नजर नहीं आएंगे.

सुरंग में था हथियार बनाने का कारखाना

कुछ ग्रामीणों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि एक सुरंग तो जवानों ने बरामद की है, लेकिन अबूझमाड़ और कई इलाकों में ऐसी सुरंगे माओवादियों ने तैयार कर रखी हैं.  ग्रामीणों के इस बयान की सच्चाई इस बात से भी समझ आती है कि बीते दिनों सुकमा जिले में भी जवानों ने ऐसे ही एक सुरंग को बरामद किया था, जहां माओवादियों ने जमीन के अंदर न केवल सुरंग का निर्माण किया था, बल्कि उसमें हथियार बनाने का छोटा कारखाना भी स्थापित कर रखा था.

जंगल में तैयार हैं ऐसी कई सुरंग

हालांकि जिस तरह से ऑपरेशन चल रहे हैं और माओवादियों को नुकसान हो रहा है उससे माओवादी बैकफ़ुट पर हैं, लेकिन इस तरह के कई सुरंग उन्होंने तैयार कर रखे हैं तो समय समय पर उनके बड़े नेताओं को सुरक्षित बचाने के लिए ये वाकई मददगार साबित होंगे. 

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