VIDEO: ऑन ड्यूटी पुलिस कांस्टेबल को बस ने रौंदा, मौत; CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर

छत्तीसगढ़ के बालोद में ड्यूटी पर जा रहे पुलिस आरक्षक ठनेश कुमार टेमार्य की बस से टक्कर में दर्दनाक मौत हो गई. बारिश के बीच हुए इस हादसे का भयानक CCTV फुटेज सामने आया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Police Constable Accident VIDEO: छत्तीसगढ़ के बालोद में ड्यूटी पर जा रहे एक पुलिस आरक्षक की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया. CCTV कैमरे में कैद यह हादसा इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए. बारिश के बीच समंस-वारंट तामील करने जा रहे आरक्षक ठनेश कुमार टेमार्य की बस से टक्कर हुई और कुछ ही पलों में उनकी जिंदगी खत्म हो गई. घटना के बाद पुलिस महकमे और शहर में शोक की लहर है.

ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे यह हादसा हुआ. कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक ठनेश कुमार टेमार्य (35) समंस-वारंट तामील करने देवारभाट, जमरुवा और जगतरा की ओर जा रहे थे. बालोद–झलमला मार्ग पर सिवनी मार्केट के पास बारिश के बीच सामने से आ रही कांकेर बस से उनकी टक्कर हो गई.

Advertisement

बस का पहिया छाती पर चढ़ा

मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, टक्कर के बाद आरक्षक सड़क पर गिर पड़े और बस के ड्राइवर साइड का पहिया उनके सीने से होकर निकल गया. आसपास मौजूद राहगीरों ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी घटना स्पष्ट दिखाई देती है.

बस चालक गिरफ्तार, वाहन जब्त

हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस चालक को गिरफ्तार कर लिया और वाहन को जब्त कर लिया. जानकारी के अनुसार, बस पखांजूर से दल्लीराजहरा होते हुए रायपुर की ओर जा रही थी. पुलिस अब हादसे के तकनीकी पहलुओं गति, ब्रेकिंग, सड़क की स्थिति और मौसम की भी जांच कर रही है.

परिवार और पुलिस महकमे में शोक

आरक्षक ठनेश कुमार मूल रूप से डौंडीलोहारा ब्लॉक के सहगांव के रहने वाले थे. उनकी नियुक्ति वर्ष 2012 में हुई थी और वे झलमला स्थित पुलिस कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे. उनके पिता नरोत्तम सिंह बालोद कलेक्टोरेट में पदस्थ हैं. अचानक हुए इस हादसे से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे पुलिस विभाग में शोक व्याप्त है.

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

बारिश के दौरान सड़कें फिसलनभरी हो जाती हैं और दृश्यता भी कम हो जाती है. ऐसे में भारी वाहनों की रफ्तार और सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन और बारिश में नियंत्रित गति कितनी जरूरी है. 

Advertisement