डेडलाइन खत्म होने से पहले कांकेर में दो और नक्सलियों का सरेंडर, साथ में एके-47 लेकर पहुंचे

Naxalites Surrender in Kanker: केंद्र सरकार ने भारत को नक्सल मुक्त बनाने की समयसीमा (डेडलाइन) 31 मार्च 2026 रखी है. पिछले दो साल से नक्सली बड़ी संख्या में सरेंडर करते आ रहे हैं. कांकेर जिले में आज दो नक्सिलयों ने समर्पण किया है.

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Naxal Free India: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो नक्सलियों ने सरेंडर (आत्मसमर्पण) किया है. दोनों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं. एक नक्सली के पास तो AK-47 हथियार भी था. दोनों की पहचान हिड़मे और शंकर के रूप में हुई है. नक्सल को खत्म करने की तय डेडलाइन से पहले नक्सलियों ने सरेंडर किया है. हालांकि, अभी भी कांकेर के जंगलों में लगभग 115 नक्सली मौजूद हैं.

केंद्र सरकार ने भारत ने नक्सल खत्म करने की डेडलाइन 31 मार्च 2026 रखी है. लोकसभा में भी सोमवार को 'नक्सल मुक्त भारत' पर चर्चा चली, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैं रेड कॉरिडोर के नाम से पहचाने जाने वाले पूरे क्षेत्र, जिसमें 12 राज्य और 70 प्रतिशत का भूभाग शामिल थे, उसमें रह रही जनसंख्या की तरफ से सदन को धन्यवाद देना चाहता हूं. गृह मंत्री ने कहा कि आज बस्तर से नक्सलवाद लगभग-लगभग समाप्त हो चुका है. बस्तर के अंदर हर गांव में स्कूल बनाने की मुहिम चली. बस्तर के अंदर हर गांव में राशन की दुकान खोलने की मुहिम चली.

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विजयवाड़ा में सोमवार को टॉप नक्सली कमांडर ने किया सरेंडर

वहीं, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में टॉप माओवादी कमांडर सुरेश और आठ अन्य कैडरों ने आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता के सामने सरेंडर कर दिया. सुरेश उर्फ चेल्लूरी नारायण राव CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सदस्य और आंध्र-ओडिशा सीमा स्पेशल ज़ोनल कमेटी का सचिव था. सुरेश ने माओवादी आंदोलन में लगभग 36 साल बिताए और इसके टॉप नेताओं में से एक थे. अन्य आठ कैडरों में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के प्लाटून कमांडर, एरिया कमेटी के सदस्य और पार्टी सदस्य शामिल थे.

राजनांदगांव से मिले हथियार

इसके अलावा सोमवार को ही राजनांदगांव रेंज के मोहला‑मानपुर‑अंबागढ़ चौकी जिले में जंगल से नक्सल डंप बरामद किया गया है. पुलिस ने AK‑47, INSAS राइफल और 46 जिंदा कारतूस जब्त किए.

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