बिलासपुर से करोड़ों का सोना लूटकर फरार हुए गैंग पर यूपी में एक्शन, मुठभेड़ में दो को लगी गोली !

Bilaspur Loot case: बिलासपुर में हाल ही में हुई करोड़ों रुपये के सोने और नकदी की सनसनीखेज लूट के मामले के आरोपियों की उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस से मुठभेड़ हुई है. बताया जा रहा है कि इस कथित शॉर्ट एनकाउंटर में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

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Action taken against loot gang

Police Encounter: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की न्यायधानी बिलासपुर में हाल ही में हुई करोड़ों रुपये के सोने और नकदी की सनसनीखेज लूट के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, इस वारदात में शामिल आरोपियों की उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस से मुठभेड़ हुई है. बताया जा रहा है कि इस कथित शॉर्ट एनकाउंटर में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. यह भी जानकारी सामने आ रही है कि बिलासपुर पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर वापस लौट रही है. शहर पहुंचने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किए जाने की बात कही जा रही है. फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और कितने अब भी फरार हैं.

बिलासपुर एसपी ने दी ये जानकारी

इस पूरे मामले पर बिलासपुर की एसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि सरकंडा थाना में हुई लूट की घटना में कार्यवाही कर संदिग्धों को पुलिस द्वारा ट्रेस किया गया. इसके बाद कई टीमें लगाई गई, लेकिन शातिर अपराधी UP बॉर्डर की तरफ़ भाग रहे थे. इस आधार पर बिलासपुर पुलिस के अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी मिर्जापुर कर यूपी पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जा रही है,  जिसकी विस्तृत शाम को दी जाएगी.

 करोड़ों की लूट ने खड़े किए गंभीर सवाल

गौरतलब है कि बिलासपुर के राजकिशोर नगर क्षेत्र में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से करोड़ों रुपये के सोने और लाखों की नकदी की लूट ने पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए थे. सूत्रों के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी कारोबारी की कार लेकर फरार हुए और उरतुम इलाके में वाहन छोड़कर अन्य गाड़ियों-जैसे स्कॉर्पियो और आई20 का इस्तेमाल करते हुए उत्तर प्रदेश की ओर निकल गए. बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों में से कुछ अकलतरा और मैनपाट से चोरी की गई थीं, जिससे पूरी साजिश के सुनियोजित होने के संकेत मिलते हैं.

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 छह महीने तक किराए पर रहकर की रेकी

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी कथित तौर पर पिछले छह महीने से नजदीकी क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. इतने लंबे समय तक बाहरी लोगों की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक न लगना जांच के दायरे में है. अब यह सवाल उठ रहा है कि निगरानी और सूचना तंत्र में आखिर चूक कहां हुई.

 जांच के तरीके पर भी उठे सवाल

पूरे घटनाक्रम ने जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. चर्चा है कि पुलिस मोबाइल लोकेशन और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ रही थी. यदि समय रहते सतर्कता बरती जाती, तो क्या आरोपी राज्य की सीमा पार कर पाते?

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फिलहाल, पुलिस की ओर से शाम तक बड़े खुलासे का दावा किया गया है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह मामला पुलिस की बड़ी सफलता साबित होगा या फिर सिस्टम की खामियों को उजागर करेगा.

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