बिलासपुर : 'पानी के लिए भी पार्षद को लगाने पड़ते हैं चक्कर', अरपा पार को अलग निगम बनाने की मांग

बिलासपुर शहर का दायरा 30 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 135 वर्ग किमी हो गया. शहर की आबादी अब 3.65 लाख से बढ़कर 6 लाख के करीब पहुंच गई. वहीं जोन 4 से 8 हो गए और वार्ड 66 से बढ़कर 70 हो गए. इसमें 22 वार्ड अरपा पार के हैं.

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अरपा पार को अलग निगम बनाने की मांग

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अरपा पार निगम की मांग लगातार उठ रही है. लोग नागरिक सुरक्षा मंच के बैनर तले अरपा पार निगम बनाने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं. मंच का कहना है कि अरपा पार में विकास नहीं हो रहा है. छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. इसलिए बिलासपुर नगर निगम से अलग कर अब नया निगम अरपा पार को बनाने के लिए कहा जा रहा है. बिलासपुर शहर का दायरा 30 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 135 वर्ग किमी हो गया. शहर की आबादी अब 3.65 लाख से बढ़कर 6 लाख के करीब पहुंच गई. वहीं जोन 4 से 8 हो गए और वार्ड 66 से बढ़कर 70 हो गए. इसमें 22 वार्ड अरपा पार के हैं, यानी शहर का 40 प्रतिशत हिस्सा. 

दरअसल बिलासपुर अब तक 'बी ग्रेड' सिटी नहीं बन पाया है. नागरिक सुरक्षा मंच अब तक पोस्टर सिग्नेचर और शिविर लगाकर 10 हजार लोगों का समर्थन जुटा चुका है. अब वार्डवार और डोर-टू-डोर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें लगातार लोगों से समर्थन मांगते हुए अरपा पार को नया नगर निगम बनाने की मांग की जा रही है. अरपा पार के लोगों का कहना है कि अरपा पार के वार्डों में किसी भी प्रकार के विकास कार्य नहीं हो रहे हैं. नाली, बिजली, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी हो रही है. 

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छोटे-छोटे कामों के लिए चक्कर लगा रहे पार्षद
 

लोगों ने कहा कि टैक्स तो लिया जा रहा है लेकिन काम किसी प्रकार का भी नहीं हो रहा है. पार्षद को एक टैंकर पानी के लिए निगम के चक्कर के साथ कई बार इधर-उधर घूमना पड़ जाता है, फिर भी काम नहीं होता है.

इससे नाराजगी साफ झलक रही है. छोटे-छोटे कामों के लिए ज़ोन ऑफिस और निगम कार्यालय का चक्कर लगाते-लगाते पूरा दिन निकल जा रहा है. वहीं मंच के संयोजक अमित तिवारी ने कहा कि इसके बाद भी अरपा पार की उपेक्षा की जा रही है.

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