Gwalior News : प्रत्याशी बदलकर BSP ने मुकाबले को बनाया रोमांचक, बीजेपी-कांग्रेस को हो सकता है नुकसान

MP Election : अंतिम क्षणों में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने शहर की एक सीट पर बड़ा उलटफेर कर दिया. बीएसपी ने अपना उम्मीदवार (BSP Candidate) बदलकर सबको चौंका दिया. अब इस क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार बन गए है.

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ग्वालियर:

Assemblyelection2023 : ग्वालियर में विधानसभा चुनावों (Madhya Pradesh Assembly Election 2023) के लिए नामांकन पत्रों की आज जांच चल रही है, लेकिन अंतिम क्षणों में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने शहर की एक सीट पर बड़ा उलटफेर कर दिया. बीएसपी ने अपना उम्मीदवार (BSP Candidate) बदलकर सबको चौंका दिया. अब इस क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला होने के आसार बन गए है.

BSP ने किसे बनाया अपना नया कैंडिडेट?

ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बसपा ने पहले रामचंद्र गुर्जर को अपना प्रत्याशी बनाया था. गुर्जर वोट कांग्रेस (Congress) समर्थित माने जाते हैं. बसपा के गुर्जर प्रत्याशी के उतरने से कांग्रेस प्रत्याशी और विधायक डॉ सतीश सिंह सिकरवार को नुकसान होने की संभावना थी, लेकिन गुर्जर कमजोर कैंडिडेट माने जा रहे थे. ऐसे में बसपा ने अंतिम क्षणों में यहां से अपना प्रत्याशी बदल दिया. अब पार्टी ने अपना अधिकृत प्रत्याशी प्रह्लाद सिंह को मैदान में उतार दिया. उनकी पत्नी अनेक बार पार्षद रह चुकी हैं.

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अब मुकाबला हुआ रोमांचक

ग्वालियर पूर्व सीट अभी कांग्रेस के कब्जे में हैं और यहां से पार्टी ने अपने वर्तमान विधायक सतीश सिकरवार (Congress MLA Satish Sikarwar) को ही मैदान में उतारा है. भाजपा ने मुन्नालाल गोयल (BJP Candidate) का टिकट काटकर माया सिंह को प्रत्याशी बनाया है. वे 2013 में यहां से विधायक चुनी गई थीं और मंत्री भी बनी थीं. 2018 में उनका टिकट काट दिया था. लेकिन इस बार फिर वे ही मैदान में हैं. पहले यहां कांग्रेस के सतीश सिकरवार से सीधी टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन बसपा के प्रत्याशी के बदलने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बन गए हैं. 

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कांग्रेस को गुर्जर वोट के नुकसान की सता रही चिंता से तो राहत मिली, लेकिन परमपरागत दलित वोटों के बसपा की तरफ लौटने की आशंका सताने लगी है. ग्वालियर पूर्व में 6 वार्ड दलित बाहुल्य हैं, जिन पर 2018 के पहले तक बसपा का जोर रहता था. हालांकि 2018 के मुख्य और 2020 के उप चुनाव में दलित कांग्रेस के साथ चले गए थे. 

ग्वालियर में बीजेपी को दिक्कत देगी बसपा

इसी तरह बसपा ने भाजपा को भी दिक्कत में डाल दिया. यहां से बसपा ने पहले पप्पन यादव को मैदान में उतारा था. यादव वोट का झुकाव अभी कांग्रेस की तरफ है, लिहाजा लग रहा था कि पप्पन यादव वोट काटकर कांग्रेस का नुकसान करेंगे. लेकिन अंतिम दिनों में बसपा ने अपना प्रत्याशी बदल दिया.अब यहां से मनोज शिवहरे को प्रत्याशी बनाया गया है. इस क्षेत्र में शिवहरे समाज के काफी वोट हैं और इन्हें भाजपा समर्थक माना जाता है. अब बसपा ने उसी जाति का उम्मीदवार उतारकर भाजपा की दिक्कतें और चिंता दोनों बढ़ा दी हैं. 

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दक्षिण में कांग्रेस की चिंता बढ़ी

ग्वालियर दक्षिण (Gwalior South) क्षेत्र में बसपा ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इस क्षेत्र में कांग्रेस ने अपने विधायक प्रवीण पाठक को तो भाजपा ने पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह पर ही एक बार फिर दांव पर लगाया है. 2018 के चुनाव में भी यही जोड़ी आमने सामने थी और चौंकाने पाले परिणाम आये थे. कांग्रेस के नए उम्मीदवार प्रवीण पाठक ने तीन बार चुनाव जीत चुके कुशवाह को महज 121 वोट के अंतर से हरा दिया था. इस क्षेत्र में कुशवाह वोट काफी है, लेकिन मुस्लिम मतों की भी संख्या भी अच्छी खासी है. इस बार बसपा ने कांग्रेस की दिक्कतें बढ़ा दी हैं. उसने यहां से एक मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया है. यहां से सद्दो खान प्रत्याशी हैं. हालांकि यहां मुकाबला त्रिकोणीय तो नहीं होगा, लेकिन सद्दो खान जितने भी वोट काटेंगी उससे कांग्रेस का ही नुकसान होगा.

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