Gwalior Gun Culture Arms License Transfer: ग्वालियर-चंबल अंचल में बंदूक सिर्फ सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि वर्षों से सामाजिक प्रतिष्ठा और परंपरा का प्रतीक रही है. लेकिन अब यही बंदूकें परिवारों के बिखराव की वजह बनती जा रही हैं. पिता या पति की मौत के बाद लाइसेंसी हथियारों पर कब्जे और ट्रांसफर को लेकर भाइयों, बेटों और अन्य परिजनों के बीच विवाद बढ़ते जा रहे हैं. ग्वालियर समेत पूरे अंचल के कलेक्टर कार्यालयों की आर्म शाखा में हर महीने ऐसे कई आवेदन पहुंच रहे हैं, जहां वारिस बंदूक अपने नाम कराने की कोशिश में आपसी टकराव तक पहुंच रहे हैं. कई मामलों में तो परिवार कोर्ट, पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं. कानून की जटिलताओं और स्पष्ट नीति के अभाव ने इन विवादों को और उलझा दिया है.