आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने वाले छत्तीसगढ़ के करीब 800 निजी अस्पतालों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अगस्त महीने से बकाया ₹1700 करोड़ से अधिक के भुगतान न होने से नाराज अस्पताल संचालकों ने 31 जनवरी तक की डेडलाइन दी है. अस्पतालों का कहना है कि भुगतान न होने से अस्पताल चलाना मुश्किल हो गया है और वे फरवरी से इलाज बंद कर सकते हैं.