लंपी वायरस से जानवर परेशान : पालतू गायों के लिए वैक्सिनेशन, अवारा गोवंशों को अभी भी इंतजार!

सतना जिले में गौवंश को वायरस से बचाने के लिए वैक्सीन लगाने का क्रम चल रहा है. अभी तक शहरी क्षेत्र की निजी गौशालाओं में लगभग पांच हजार गौवंश को वैक्सीन लगाई जा चुकी है. इसके बाद भी आवारा कई गाय इस वायरस की चपेट में आ चुकी हैं. 

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देश भर में तबाही मचा चुके लंपी वायरस का कहर एक बार फिर सतना में नजर आने लगा है. शहरी क्षेत्र में वायरल लेकर दर्जनों गाय घूम रहीं हैं. जिनको देखने वाला कोई नहीं है. कमाल की बात यह है कि गौवंश के वैक्सीनेशन को लेकर विभागीय तैयारियां तो हैं, लेकिन आवारा घूमने वाले गौवंश की व्यवस्था तभी है जब कोई समाजसेवी उस पर पहल करे.

सतना जिले में गौवंश को वायरस से बचाने के लिए वैक्सीन लगाने का क्रम चल रहा है. अभी तक शहरी क्षेत्र की निजी गौशालाओं में लगभग पांच हजार गौवंश को वैक्सीन लगाई जा चुकी है. इसके बाद भी आवारा कई गाय इस वायरस की चपेट में आ चुकी हैं. 

बचाव के लिए दिए जा रहे ये टिप्स

विभागीय जानकारों के मुताबिक वायरस ग्रसित गौवंश को वैक्सीन लगाने का कोई प्रावधान नहीं है. यदि कोई गौवंश वायरस की चपेट में आ जाए तब उसके लिए कुछ टिप्स अपनाए  जाने की सलाह दी जा रही है. डॉ बृहस्पिति भारती ने बताया कि संक्रमित गौवंश को अलग कर चाहिए. इसके अलावा गौशाला में वायरस का असर कम करने के लिए नीम और कंडे (गोबर के उपले) का धुआं करना चाहिए. संक्रमण से शेष गौवंश को वैक्सीन लगवाएं.

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शहर में घूम रहीं दर्जनों गाय

लंपी वायरस का असर यूं तो जर्सी, साहिवाल और अन्य तरह की गायों में देखने को मिलता है, लेकिन अब सतना में देशी गाय भी इसकी चपेट में आ रही हैं. वायरस से ग्रसित दर्जनों गाय घूम रहीं हैं, जिनको न तो विभाग के द्वारा पकड़ कर उन्हें सुरक्षित स्थान में ले जाया जाता और न ही नगर निगम से भी इनके लिए कोई अलग व्यवस्था की जा रही है. ऐसे में यह अन्य गायों में संक्रमण का खतरा भी बनी हुई हैं.

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