MP के बागेश्वरधाम पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू, धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान यंत्र किया भेंट, देखें तस्वीरें

मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले में सामूहिक विवाह सम्मलेन हो रहा है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बुधवार को मध्य प्रदेश के दौरे पर आईं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कार्यक्रम में कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों से कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई है और समाज को सही राह दिखाई है.

  • छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के मौके पर गरीब बेटियों का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया. इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 3 जोड़ों के लिए तोहफा लेकर आईं.
    छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के मौके पर गरीब बेटियों का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया. इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 3 जोड़ों के लिए तोहफा लेकर आईं.
  • Advertisement
  • उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन और आटा चक्की दी गई है. उसी के तहत यह समारोह सात साल से आयोजित कर रहे हैं.
    उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन और आटा चक्की दी गई है. उसी के तहत यह समारोह सात साल से आयोजित कर रहे हैं.
  • इसी कड़ी में बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति मुर्मु को हनुमान यंत्र भेंट किया. धीरेंद्र शास्त्री ने इस आयोजन के शुरू होने की कहानी भी बताई.
    इसी कड़ी में बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति मुर्मु को हनुमान यंत्र भेंट किया. धीरेंद्र शास्त्री ने इस आयोजन के शुरू होने की कहानी भी बताई.
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी राज्य सरकार की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी जोड़ों को 51-51 हजार रुपये दिए जाएंगे.
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी राज्य सरकार की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी जोड़ों को 51-51 हजार रुपये दिए जाएंगे.
  • Advertisement
  • आयोजन में 251 बालिकाओं का विवाह कराया गया. समारोह में आने वालों के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया.
    आयोजन में 251 बालिकाओं का विवाह कराया गया. समारोह में आने वालों के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया.
  • गौरतलब है कि इस पुण्य कार्य में 108 बालिकाएं सिर्फ आदिवासी समाज से थी, जिन का आज बेहद धूमधाम से कन्यादान हुआ.
    गौरतलब है कि इस पुण्य कार्य में 108 बालिकाएं सिर्फ आदिवासी समाज से थी, जिन का आज बेहद धूमधाम से कन्यादान हुआ.
  • बागेश्वर बाबा ने कहा कि अपनी बहन की शादी के दौरान उन्होंने काफी समस्याओं का सामना किया था. तभी उन्होंने प्रण कर लिया था कि जब सामर्थ्यवान बनेंगे तो निर्धन और गरीब कन्याओं की शादी कराएंगे.
    बागेश्वर बाबा ने कहा कि अपनी बहन की शादी के दौरान उन्होंने काफी समस्याओं का सामना किया था. तभी उन्होंने प्रण कर लिया था कि जब सामर्थ्यवान बनेंगे तो निर्धन और गरीब कन्याओं की शादी कराएंगे.
  • Advertisement