Rangpanchami in Mahakal: महाकाल मंदिर में मनाई गई प्रतिकात्मक रंगपंचमी...केसर और टेसू के फूलों से बना रंग
Rangpanchami in Mahakal: महाकाल मंदिर में प्रतीकात्मक रूप से रंगपंचमी मनाई गई. दरअसल, भस्म आरती के दौरान महाकाल को एक लोटा रंग अर्पित किया गया. वहीं महाकाल मंदिर की परंपरा अनुसार, आज शाम में महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह निकाला जाएगा.
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महाकाल मंदिर में मनाई गई प्रतिकात्मक रंगपंचमी...केसर और टेसू के फूलों से बना रंगRangpanchami in Mahakal: ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर (Mahakaleshwar Jyotirlinga) में शनिवार, 20 मार्च की सुबह रंगपंचमी का त्योहार प्रतीकात्मक रूप से मनाया गया. (फोटो क्रेडिट- एक्स- ANI) (कंटेंट क्रेडिट- प्रिया शर्मा)
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महाकाल मंदिर में मनाई गई प्रतिकात्मक रंगपंचमी...केसर और टेसू के फूलों से बना रंगRangpanchami in Mahakal: तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारियों ने भगवान महाकाल को केसर और टेसू के फूलों से बना केवल एक लोटा रंग अर्पित किया. (फोटो क्रेडिट- एक्स- ANI) (कंटेंट क्रेडिट- प्रिया शर्मा)
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महाकाल मंदिर में मनाई गई प्रतिकात्मक रंगपंचमी...केसर और टेसू के फूलों से बना रंगबता दें कि महाकाल मंदिर में धुलेंडी के दिन भस्म आरती के दौरान केमिकलयुक्त गुलाल के अत्यधिक उपयोग से महाकाल के गर्भगृह में आग लग गई थी. इस घटना में महाकाल के पुजारियों और सेवकों सहित 14 लोग घायल हो गए थे. जिसके चलते आज भस्म आरती दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थी अपने साथ रंग, गुलाल लेकर नहीं आ सके. (फोटो क्रेडिट- एक्स- ANI) (कंटेंट क्रेडिट- प्रिया शर्मा)
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महाकाल मंदिर में मनाई गई प्रतिकात्मक रंगपंचमी...केसर और टेसू के फूलों से बना रंगRangpanchami in Mahakal: वहीं रंगपंचमी के मौके पर मंदिर के प्रवेश द्वारों पर सख्त जांच के बाद ही भक्तों को मंदिर में प्रवेश दिया गया. (फोटो क्रेडिट- एक्स- ANI) (कंटेंट क्रेडिट- प्रिया शर्मा)
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महाकाल मंदिर में मनाई गई प्रतिकात्मक रंगपंचमी...केसर और टेसू के फूलों से बना रंगRangpanchami in Mahakal: रंगपंचमी पर्व की परंपरा निभाने के लिए महाकाल मंदिर समिति ने पुजारियों ओर पुरोहितों को केसर और टेसू के फूलों से बना एक लोटा प्राकृतिक रंग उपलब्ध कराया. (फोटो क्रेडिट- एक्स- ANI) (कंटेंट क्रेडिट- प्रिया शर्मा)
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महाकाल मंदिर में मनाई गई प्रतिकात्मक रंगपंचमी...केसर और टेसू के फूलों से बना रंगRangpanchami in Mahakal: हर साल पुजारी रंगपंचमी मनाने के लिए टेसू के फूलों से 2-2 सौ लीटर के ड्रम भरकर रंग तैयार करते थे. साथ ही महाकाल की आरती के दौरान भक्तों के द्वारा गर्भगृह, नंदी हाल और मंदिर परिसर में जमकर होली खेली जाती थी. (फोटो क्रेडिट- एक्स- ANI) (कंटेंट क्रेडिट- प्रिया शर्मा)