भूतेश्वरनाथ मंदिर में भोलेनाथ बने डेविड सोम, कहा - "भांग-धतूरा नहीं, वैराग्य के भी प्रतीक हैं शिव'

इस समय हर जगह हर जगह महाशिवरात्रि की धूम है. छत्तीसगढ़ के भी प्रसिद्ध मंदिरों में सुबह से भक्तों का आना-जाना शुरू हो गया है. लेकिन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में महादेव का एक बेहद खास मंदिर बना हुआ है. घने जंगलों के बीच स्थित भुतेश्वरनाथ महादेव सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि भगवान शिव के चमत्कार का प्रमाण भी है.

  • मान्यता है कि यह शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था और हर साल धीरे-धीरे अपने आप बढ़ता है. विज्ञान भी अब तक इस रहस्य को पूरी तरह समझ नहीं पाया है. महाशिवरात्रि के दिन यहाँ हजारों श्रद्धालु पहुँचते हैं.
    मान्यता है कि यह शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था और हर साल धीरे-धीरे अपने आप बढ़ता है. विज्ञान भी अब तक इस रहस्य को पूरी तरह समझ नहीं पाया है. महाशिवरात्रि के दिन यहाँ हजारों श्रद्धालु पहुँचते हैं.
  • Advertisement
  • महादेव के परम भक्त डेविड सोम भगवान शिव के रूप में नजर आए. उन्होंने शिवभक्तों को बताया कि भोलेनाथ सिर्फ भांग-धतूरा के देवता नहीं, बल्कि वैराग्य और संतुलित जीवन के प्रतीक हैं. नशा आपको भगवान के करीब नहीं ले कर जाता, बल्कि बर्बादी के रास्ते पर ले जाता है.
    महादेव के परम भक्त डेविड सोम भगवान शिव के रूप में नजर आए. उन्होंने शिवभक्तों को बताया कि भोलेनाथ सिर्फ भांग-धतूरा के देवता नहीं, बल्कि वैराग्य और संतुलित जीवन के प्रतीक हैं. नशा आपको भगवान के करीब नहीं ले कर जाता, बल्कि बर्बादी के रास्ते पर ले जाता है.
  • भक्तों का मानना है कि यह भगवान शिव का दिव्य रूप है, जो समय के साथ विशाल होता जा रहा है. यहाँ आने वाले श्रद्धालु सच्चे मन से जो भी प्रार्थना करते हैं, उनकी मनोकामना पूरी होती है.
    भक्तों का मानना है कि यह भगवान शिव का दिव्य रूप है, जो समय के साथ विशाल होता जा रहा है. यहाँ आने वाले श्रद्धालु सच्चे मन से जो भी प्रार्थना करते हैं, उनकी मनोकामना पूरी होती है.
  • बता दें कि भुतेश्वरनाथ धाम का उल्लेख कई पुराने ग्रंथों में भी मिलता है. पहले यह स्थान घने जंगलों में छिपा हुआ था, लेकिन जब ग्रामीणों को यह शिवलिंग मिला, तब यह एक छोटे पहाड़ जैसा दिखता था.
    बता दें कि भुतेश्वरनाथ धाम का उल्लेख कई पुराने ग्रंथों में भी मिलता है. पहले यह स्थान घने जंगलों में छिपा हुआ था, लेकिन जब ग्रामीणों को यह शिवलिंग मिला, तब यह एक छोटे पहाड़ जैसा दिखता था.
  • Advertisement
  • समय के साथ यह विशाल और अद्भुत प्राकृतिक शिवलिंग बन गया. अब यहाँ देश-विदेश से भक्त दर्शन के लिए आते हैं. खास तौर से शिवरात्रि के मौके पर यहाँ आस्था का सैलाब उमड़ता है.
    समय के साथ यह विशाल और अद्भुत प्राकृतिक शिवलिंग बन गया. अब यहाँ देश-विदेश से भक्त दर्शन के लिए आते हैं. खास तौर से शिवरात्रि के मौके पर यहाँ आस्था का सैलाब उमड़ता है.