साइबर ठगी का नया तरीका: फर्जी कंपनी बनाकर लोगों के बैंक खातों से निकाले 23 करोड़ रुपये

विदिशा में तीन जालसाजों ने “ट्रायुनिटी वेंचर” नाम की फर्जी कंपनी बनाकर 23 करोड़ 27 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की। SBI के खाते को सील करने तक डेढ़ लाख से अधिक लेनदेन हो चुका था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

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Vidisha News: साइबर अपराधियों ने अब ठगी का नया तरीका ईजाद कर लिया है. विदिशा में तीन जालसाजों ने फर्जी कंपनी बनाकर आम लोगों के बैंक खातों से करीब 23 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम निकाल ली. 24 राज्यों से शिकायत मिलने के बाद जब स्‍टेट बैंक ऑफ इंड‍िया ने खाते को सील किया, तब तक करोड़ों रुपये का लेनदेन हो चुका था. फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.

आरोपियों ने सितंबर 2025 में “ट्रायुनिटी वेंचर” नाम से एक पार्टनरशिप फर्म बनाकर चालू खाता खुलवाया. इस एक खाते से डेढ़ लाख से ज्यादा ट्रांजैक्शन किए गए. 10 हजार से लेकर 50 लाख रुपये तक की रकम जमा और निकासी होती रही. कुल मिलाकर 23 करोड़ 27 लाख 4 हजार 559 रुपये खाते में डाले गए और लगभग पूरी रकम निकाल ली गई. जब तक बैंक को शक हुआ… तब तक खाते से 23 करोड़ 20 लाख 85 हजार 268 रुपये निकाले जा चुके थे.

सीएसपी अतुल सिंह ने बताया क‍ि देश के 24 से ज्यादा राज्यों की अलग-अलग ब्रांचों से शिकायतें आने लगीं. स्‍टेट बैंक ऑफ इंड‍िया की पटना, बिहार ब्रांच सहित 25 से ज्यादा शाखाओं ने इस खाते को फ्रीज करने की कार्रवाई की. लेकिन तब तक खाते में महज 6 लाख रुपये ही बचे थे. लगातार हो रहे भारी ट्रांजैक्शन और करोड़ों के विड्रॉल ने बैंकिंग सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

बैंक अधिकारियों के मुताबिक, जानकारी लगते ही सांची रोड स्थित वाणिज्य शाखा ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई. कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस फर्जी कंपनी के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं… और ठगी की रकम आखिर कहां ट्रांसफर की गई.

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