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This Article is From Oct 09, 2025

Mid Day Meal: नौनिहालों के निवाले पर डाका, यहां बच्चों को मिड डे मील के नाम पर दी जा रही बीमारी!

Mid Day Meal: बच्चों में कुपोषण को कम करने के उद्देश्य से शुरू किए गए मध्यान्ह भोजन योजना ही अब बच्चों को कुपोषण का कारण बन रही हैं. उमरिया जिले के एक प्राथमिक पाठशाला का नजारा किसी को भी दंग कर देगा, जहां को भोजन में बच्चों को पानीदार दाल और चावल परोसा जा रहा है. 

Mid Day Meal: नौनिहालों के निवाले पर डाका, यहां बच्चों को मिड डे मील के नाम पर दी जा रही बीमारी!
CHILDREN GETTING DISEASES IN FOOD FROM AFTERNOON MID-DAY MEAL IN UMARIA, MP

Mid Day Meal Corruption: मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में दोपहर के खाने में स्कूली बच्चों को परोसे जाने मिड डे मील की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है, बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही है. स्कूल के जिम्मेदारों द्वारा बच्चों को मेन्यू के आधार पर मध्यान्ह भोजन नहीं दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें परोसे जा रहे दाल में दाल कम पानी ज्यादा है.

बच्चों में कुपोषण को कम करने के उद्देश्य से शुरू किए गए मध्यान्ह भोजन योजना ही अब बच्चों को कुपोषण का कारण बन रही हैं. उमरिया जिले के एक प्राथमिक पाठशाला का नजारा किसी को भी दंग कर देगा, जहां को भोजन में बच्चों को पानीदार दाल और चावल परोसा जा रहा है. 

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नौनिहालों के निवाले पर कर्मचारियों के भ्रष्टाचार ने डाका डाला

गौरतलब है सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषण आहार देने का उद्देश्य छात्रों की शारीरिक क्षमता बढ़ाना है, लेकिन आदिवासी बाहुल्य उमरिया जिले में नौनिहालों के निवाले पर भ्रष्ट कर्मचारियों ने ऐसा डाका डालने का काम किया है, जिन्हें खाना तो दूर, खाने के नाम पर लगातार बीमारी परोसी जा रही है. 

बच्चों को मेन्यू के आधार पर नहीं दिया जा रहा मध्यान्ह भोजन

मामला करकेली ब्लाक के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक पाठशाला एवं आंगनबाड़ी केंद्र पतरेई की है, जहां बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन मेन्यू के आधार पर नहीं दिया जा रहा. यहां बच्चों को सिर्फ दाल चावल ही परोसा जा रहा है. दाल में पानी अधिक होता है और खाने में सब्जियां तो नदारद ही होती हैं. 

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तमिलनाडु में नवंबर 2001 में शुरू हुए मिड डे मील योजना को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूरे देश में लागू किया गया था. योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना, कुपोषण कम करना और स्कूल में उनकी उपस्थिति दर बढ़ाना है.  

कर्मचारियों ने निष्फल किया मिड डे मील योजना के उद्देश्य 

उल्लेखनीय है सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चों को मुफ्त, गर्म पका हुआ और पौष्टिक भोजन परोसने का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना, कुपोषण कम करना और स्कूल में उनकी उपस्थिति दर बढ़ाना है, लेकिन कर्मचारियों के भ्रष्टाचार ने इस योजना के उद्देश्य को ही निष्फल कर दिया है. 

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