Tigress Death: बांधवगढ़ अभयारण्य में 5 वर्षीय बाघिन की मौत, प्रबंधन ने आंतरिक रक्तस्राव बताई वजह

Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि मौत का प्राथमिक कारण ऐसी बीमारी प्रतीत होती है, जिसमें यकृत तथा तिल्ली प्रभावित होते हैं. उन्होंने बताया कि इसके अलावा 5 वर्षीय मृत बाघिन के शरीर में आंतरिक रक्तस्राव के बारे में भी पता चला है. मौत से जुड़ा विस्तृत विवरण लैब जांच के बाद जारी किया जाएगा.

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5-YEAR-OLD TIGRESS DIED IN BANDHAVGARH TIGER SANCTUARY
उमरिया (मध्यप्रदेश):

5 Year Old Tigress Death: मध्य प्रदेश में स्थित विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य क्षेत्र में बुधवार को एक बाघिन की मौत की खबर आ रही है. वन विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 वर्षीय बाघिन की मौत बीमारी के कारण हुई है. उन्होंने बताया कि सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में मृत बाघिन का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि मौत का प्राथमिक कारण ऐसी बीमारी प्रतीत होती है, जिसमें यकृत तथा तिल्ली प्रभावित होते हैं. उन्होंने बताया कि इसके अलावा 5 वर्षीय मृत बाघिन के शरीर में आंतरिक रक्तस्राव के बारे में भी पता चला है. मौत से जुड़ा विस्तृत विवरण लैब जांच के बाद जारी किया जाएगा.

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मृत बाघिन को दो दिन पहले जंगल से रेस्क्यू करके लाया गया था

रिपोर्ट के मुताबिक मृत बाघिन को दो दिन पहले जंगल से रेस्क्यू कर इलाज के लिए लाया गया था. लेकिन उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई. संचालक के मुताबिक बाघिन के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं और प्रयोगशाला में जांच के लिए नमूने एकत्र किए जा चुके हैं. उन्होंने बताया कि बाघिन की दोनों नाक से खून निकल रहा था, उसको आखिरी बार मानपुर बफर के बनवेई इलाके में शिकार खाते हुए देखा गया था. 

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साल 2026 में बांधवगढ़ में अब तक 9 बाघिनों की हो चुकी है मौत

गौरतलब है बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में साल 2026 की शुरुआत से अब तक कुल 9 बाघिनों की मौत हो चुकी हैं, जिसके बाद हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है. बाघिन की मौत की मुख्य कारण बिजली का करंट (इलेक्ट्रोक्यूशन) और आपसी लड़ाई/बीमारी रही है, जिसमें से 5 मौतें रिजर्व के अंदर और अन्य बाघिनों की मौत सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई हैं.

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